बीबीनगर। साहब... बारिश में झोपड़ी से पानी टपकता है, यदि पक्का मकान मिल जाए तो परेशानी कुछ कम हो जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन के बाद भी मकान न मिलने पर यह बातें झोपडी में गुजारा करने वाले विष्णु कुमार, रेशम देवी और अनवरी ने कहीं। योजना के तहत जिले में करीब 30 हजार लोगों को मकान भी दिलाया गया, लेकिन बड़ी संख्या में पात्र लोग ऐसे भी हैं, जो अब भी झोपड़ी और कच्चे मकानों में रह रहे हैं।
विकास खंड बीबीनगर के गांव भैंसापुर निवासी विष्णु कुमार अपनी पत्नी व तीन बेटियों के साथ झोपड़ी में रहते हैं। विष्णु कुमार का कहना है कि पीएम आवास योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक कोई लाभ नहीं मिल सका है।
वहीं बीबीनगर निवासी रेशम देवी अपने पुश्तैनी मकान में रहती थीं, लेकिन पिछले दिनों मकान के जर्जर होने के चलते वह गिर गया। जिसके बाद अब वह किराए पर रहने के लिए मजबूर हैं। रेशम देवी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई बार आवेदन किया लेकिन मकान का सपना पूरा नहीं हुआ।
कस्बा निवासी बुजुर्ग अनवरी और मुस्तकीम ने बताया कि बेटों ने बंटवारा किया तो हिस्से में केवल एक कमरा आया और वह भी जर्जर हालात में है। इसके बाद पीएम आवास योजना के तहत आवेदन किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है।
नगर और खानपुर में खाली पड़े हैं आवास
वलीपुरा नहर के पास करीब 400 आवास और खानपुर में करीब 100 आवास लंबे समय से आवंटन का इंतजार देख रहे हैं। वलीपुरा नहर के पास बने आवासों को बसपा शासन के दौरान करीब 16 साल पहले बनाया गया था, जबकि खानपुर में बनाए गए आवासों को भी दस साल का समय बीत गया है। इन आवासों का आवंटन न किए जाने के कारण अब भी बड़ी संख्या में पात्र लोग बेघर हैं।
पीएम आवास योजना के तहत आवंटन नियमानुसार आवेदन पर जांच के बाद किया जाता है। यदि कोई आवेदक पात्र है तो उसे योजना का लाभ दिया जाएगा। शासन की ओर से आवासों को आवंटित करने के निर्देश मिले हैं। इस संबंध में योजना तैयार की जा रही है। - डाॅ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन