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Bulandshahar News: महागनी के पौधे लगवाने वाली कंपनी को लौटानी होगी पीड़ितों की रकम

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बुलंदशहर। नगर के शांति निकेतन निवासी दो किसानों से शिव शक्ति एग्रीटेके लिमिटेड के कर्मचारियों ने महागनी के पौधे लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की। दोनों पीड़ितों ने जुलाई 2024 में अलग-अलग परिवाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बुलंदशहर में दायर किया। जिस पर अब आयोग ने दोनों पीड़ितों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को 30 दिन के भीतर उनकी पौधे लगवाने के लिए दी गई रकम, वाद व्यय व मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए आर्थिक दंड सुनाया है।
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दो जुलाई 2024 को पहले पीड़ित कुलदीप कुमार निवासी बसंब विहार शांति निकेतन कालोनी बुलंदशहर ने परिवाद दायर कर बताया कि वह किसान हैं। दिसंबर 2023 में उनसे शिव शक्ति एग्रीटेक लिमिटेड स्थित संजीव रेड्डी नगर हैदराबाद के मैनेजिंग डायरेक्टर के निर्देशन में कंपनी के कर्मचारी प्रवेश मौर्य निवासी पीलीभीत व रामबाबू निवासी पीलीभीत ने मुलाकत की और अपने यहां महागनी के पौधे लगवाने की पेशकश की।
आरोपियेां ने इस दौरान उनके पौधे खराब होने पर वापस दूसरे पौधे लगाने, प्रत्येक 15 दिन में उनकी देखभाल करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि करीब आठ वर्ष बाद उन्हें प्रत्येक पौधे से करीब 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी होगी। जिस पर पीड़ित ने आरोपियों के झांसे में आकर जनवरी 2024 में दो बार में 21 हजार रुपये देकर पौधे लगवाए। लेकिन, आरोपियों ने किए वादे पूरे नहीं किए। जिसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी की जानकारी हुई।
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इसी तरह कालोनी बसंत विहार निवासी नरेश कुमार से भी आरोपियों ने पौधे लगवाने के नाम पर 52,500 रुपये ले लिए, लेकिन उनसे भी किए गए वादे पूरे नहीं किए। नरेश ने भी इस संबंध आठ जुलाई 2024 को परिवाद दायर किया। जिस पर अब आयोग की महिला सदस्य नीलम कुमारी ने बताया कि अध्यक्ष हसनैन कुरैशी ने संबंधित विपक्षीगण को पीड़ित कुलदीप कुमार को परिवाद दायर करने वाले दिन से अब तक पौधों की बाबत प्राप्त की गई रकम 21 हजार रुपये को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने, मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए दस हजार और वाद व्यय के लिए पांच हजार देने का निर्णय सुनाया है।
साथ ही संबंधित विपक्षी को पीड़ित नरेश को भी परिवाद वाले दिन से अब तक पौधों की रकम को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और मानसिक क्षतिपूर्ति के 20 हजार रुपये और वाद व्यय के दस हजार रुपये देने का निर्देश सुनाया है। यह रकम 30 दिन के भीतर देय होगी।
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