यदि अब कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा और कहीं काम करता मिला तो अफसरों पर कार्रवाई होगी। यह आदेश शिक्षा मंत्री ने जारी करते हुए बीएसए को निर्देश जारी किए हैं कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी बच्चों का नामांकन करवाकर उनकी उपस्थिति स्कूल में दर्ज करवाएं। यह कार्य जुलाई में स्कूल खुलने से पहले किया जाए।
इस बार सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल न जाने वाले 14 साल तक के सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन कराने का काम कछुआ गति से चला। इस कार्य में जहां अफसरों की शिथिलता सामने आई। वहीं शिक्षकों ने भी कोई रुचि नहीं ली।
इसी का नतीजा रहा कि जिले में अप्रैल माह से अब तक स्कूल में बच्चों के नामांकन की सूची जिला मुख्यालय पर बीएसए कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। जबकि बीएसए ने शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले ही आदेश जारी कर दिया था कि वह घर न बैठकर स्कूूल न जाने वाले बच्चों का एडमिशन सुनिश्चित करें।
शिक्षकों द्वारा बरती गई हीलाहवाली पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मगर, अब शिक्षा मंत्री के सख्त आदेश से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, विभागीय अफसर-बाबू सर्व शिक्षा अभियान के तहत जारी किए गए इस आदेश का सख्ती से पालन कराने को रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
एबीएसए केएल वर्मा का कहना है कि शिक्षा मंत्री के आदेश का सख्ती से पालन किया जाएगा। स्कूल खुलने से पहले ही स्कूल न जाने वाले बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूल में उपस्थित दर्ज करवाई जाएगी। इसके लिए विभाग ने कमर कस ली है।