बुलंदशहर। नगर के लाल तालाब स्थित गुरु श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में बुधवार को सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का पांच दिवसीय प्रकाश उत्सव वाहे गुरु-वाहे गुरु जयकारों के साथ शुरू हो गया। प्रकाश उत्सव पर सालाना जलसा व नगर कीर्तन से पहले गुरुद्वारे में दीवान सजाए गए। सुबह के समय नगर कीर्तन निकाला तो देर शाम गुरुद्वारे में बाल कवि दरवार सजा। इसमें गुरु की महिमा का गुणगान किया गया।
ग्रंथी सरदार रंजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के त्वावधान में 20 जनवरी तक नगर कीर्तन और श्री अखंड पाठ के अलावा प्रसिद्ध विधान प्रचारक और रागी जत्थे गुरु की महिमा का गुणगान करेंगे। श्री अखंड पाठ का आयोजन होगा। इस सभी कार्यक्रम में रागी जत्था जगजीत सिंह और कुलवंत सिंह रसीला, कवि बलवीर सिंह कमल, जमीर अली जमीर और हजूरी जत्था भाई सरनजीत सिंह आदि को आमंत्रित किया गया है। जो अपनी अपनी कविताओं की प्रस्तुति देंगे। साथ ही गुरु का गुणगान करेंगे। इसके बाद 21 जनवरी को नगर में पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसके बाद लंगर बरता जाएगा। इस दौरान दलजीत सिंह, अजीत सिंह, नवजेत सिंह, राजीव सिंह, जसविंद्र सिंह, गुरजीत सिंह और जीत सिंह आदि समाज के लोग शाामिल रहे।
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गुरू गोविंदसिंह जन्मोत्सव पर हुआ शब्द कीर्तन
अनूपशहर। कस्बे के मोहल्ला मदारगेट स्थित एतिहासिक गुरुद्वारा सातवीं पातशाही हरिराय साहब में बुधवार को सिख समुदाय ने उत्साह पूर्ण माहौल में गुरू गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव मनाया गया। इस मौके पर सुखमणि साहब का पाठ व शब्द कीर्तन हुआ। ज्ञानी गुरमुख सिंह ने कहा कि दशम गुरू गोविंद सिंह ने देश व धर्म की रक्षा के लिए अपने परिवार को बलिदान कर दिया। दो बेटे जहां युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए, वहीं दो बेटों ने अपनी नादान उम्र में धर्म के लिए दीवार में चिनना मंजूर किया। लेकिन धर्म बदलना स्वीकार नहीं किया। शब्द कीर्तन के बाद कड़ा प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर सरदार मंजीत सिंह, सरदार भूपसिंह, सरदार अंकुर, त्रिलोचन सिंह, मोहित रावल, बलजिंदर सिंह,परनीत कौर, सतनाम कौर ,वीना रावल, गुरूविंदर कौर और गुरूचरन आदि मौजूद रहे।