बुलंदशहर। सदर तहसील क्षेत्र निवासी एक किशोर ने घर में रखी चूहे मार की दवा को चूरन समझ कर खा लिया। इसे खाने के बाद उल्टी होने पर मां को घटना की जानकारी दी। महिला किशोर को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंची। जिसे बच्चा वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। चिकित्सक ने किशोर की हालत खतरे से बाहर बताई है।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव बहलीमपुरा निवासी रेशम पाल का 16 वर्षीय पुत्र हिमांशु शनिवार सुबह घर पर था। मां अंजू ने बताया कि वह घर के बाहर काम कर रही थी। बेटा हिमांशु घर के अंदर था। कमरे में चूहे मारने की दवा एक पिन्नी में रखी हुई थी। हिमांशु ने दवा को पिन्नी में से निकालकर खा लिया। पूछने पर उसने चूरन खाने की बात कही। वहीं, उल्टी होने पर तत्काल उसे जिला चिकित्सालय लेकर आई। इमरजेंसी में इलाज करने के बाद मेडिकल वार्ड में भर्ती करवा दिया। एक घंटे बाद चिकित्सक ने जांच कर बच्चा वार्ड में रेफर कर दिया। फिलहाल बेटे की हालत में सुधार है और अभी इलाज चल रहा हैं।
बच्चों की पहुंच से दूर रखें दवाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि घर में कहीं पर भी खुले में या बच्चों की पहुंच वाले स्थान पर चूहे मारने की दवा, कीटनाशक दवा, तेजाब आदि नहीं रखना चाहिए। उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। अगर कोई बच्चा दवा का सेवन कर लेता है तो बिना देर किए चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
कोट
इमरजेंसी में किशोर को चूहे मारने वाली दवा खाने की बात कहकर परिजन लेकर आए। जिसका इलाज चल रहा है। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय