कलक्ट्रेट पर ज्ञापन देने पहुंचे शिक्षक। स्रोत: संगठन
बुलंदशहर। टेट अनिवार्यता के खिलाफ बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने नगर में प्रदर्शन किया। पहले वह बीएसए कार्यालय में एकत्रित हुए और फिर प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री समेत शिक्षा मंत्री आदि के नाम का मांग पत्र भी भेजा।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार भारद्वाज और जिला मंत्री रंजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट (टीईटी) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता नहीं थी। नए निर्देशों में शिक्षक बने रहने के लिए टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इसमें केवल पांच साल की सेवा शेष रहने वालों को छूट दी गई है, जबकि पदोन्नति में उन्हें भी छूट नहीं दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस आदेश से प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति पर संकट गहराने लगा है। संगठन ने मांग की है कि अधिनियम में संशोधन कर शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत शर्मा, निरुपमा भाटी, कल्पना गुप्ता, प्रवीन चौधरी, इंद्रजीत सिंह, भगवत सिंह, सतीश कुमार, सतबीर सिंह, धनवीर सिंह, संजीव गौड़, भूपेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह और विजयवीर सिंह सिरोही आदि शिक्षक मौजूद रहे।