स्याना में सीडीओ के निरीक्षण के बाद कस्तूरबा गांधी विद्यालय की जो तस्वीर सामने आई थी, जिले के अन्य केजीवी में भी कमोबेश कुछ ऐसे ही हाल हैं। छात्राओं के बेहतर भविष्य निर्माण का जिम्मा उठाने वाला केजीवी खुद अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। जिले के दानपुर और डिबाई में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की हालत ठीक नहीं है।
डिबाई में चार माह से शौचालय के टैंक की सफाई नहीं हुई है। बदइंतजामी का आलम यह है कि मल खेल के मैदान में फैल रहा है। विद्यालय की चारदीवारी टूटी होने और चौकीदार न होने से बालिकाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। वहीं हाल ही में एसडीएम सुभाष चंद्र यादव ने औचक निरीक्षण के बाद मीडिया से सब कुछ संतोषजनक मिलने की बात कही थी।
कस्तूरबा गंाधी आवासीय विद्यालय में करीब 70 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहीं हैं। विद्यालय में एक साल से हिंदी विषय का शिक्षक नहीं है। चौकीदार की मौत के चार माह बीत जाने के बाद भी कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। मैदान में सोलर लाइट भी नहीं है।
इस बारे में वार्डन सारिका त्यागी ने बताया कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। दानपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में दो वर्ष से मैथ की टीचर नहीं है। वार्डन पूनम वर्मा ने बताया कि साइंस या अन्य विषय के टीचर से मैथ सब्जेक्ट को पढ़वाया जा रहा है। प्राइवेट चौकीदार की वैकल्पिक व्यवस्था की है।