हरदोई में तैनात एक अध्यापक के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर एक शातिर रामघाट थाना क्षेत्र में सहायक अध्यापक बन गया। शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच होती, इससे पहले ही आरोपी ने बैंक से 10 लाख रुपये का कर्ज ले लिया और अपने ही प्रधानाचार्य से चार लाख रुपये उधार लेकर फरार हो गया। रामघाट पुलिस ने सहायक अध्यापक सहित षड़यंत्र रचने वाले दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है।
सीओ डिबाई अजय कुमार ने बताया कि सितंबर 2021 में रामघाट थाने में मक्खनलाल निवासी दतई पूर्वा मजरा कोरियो तहसील कड़ा जनपद कोशांबी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि मक्खनलाल ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाकर रामघाट थाना क्षेत्र के गांव विजय नंगलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में वर्ष 2015 में नौकरी पा ली थी।
इसके साथ ही रामघाट स्थित एचडीएफसी बैंक से इन्हीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर 10 लाख रुपये का लोन भी निकाल लिया। साथ ही आरोपी ने अपने ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक से चार लाख रुपये उधार भी ले लिए और फरार हो गया। मुकदमे में जिसे मक्खनलाल बताया गया था, वास्तव में वह मक्खनलाल नहीं बल्कि दिनेश यादव निवासी करनपुर थाना नसीपुर जनपद फिरोजाबाद था। जिसे पुलिस ने रविवार को फिरोजाबाद में उसके आवास से गिरफ्तार किया है।
इसके साथ ही गजेंद्र निवासी बढ़ाईपुरा थाना नसीरपुर जनपद फिरोजाबाद, अरूणो राजन निवासी धनपुरा थाना नसीरपुर जिला फिरोजाबाद को भी गिरफ्तार किया है। गजेंद्र और अरूणो राजन फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों से अवैध उगाही करते हैं और दलाल हैं। मक्खनलाल के फर्जी प्रमाण पत्र भी इन दोनों ने ही दिनेश यादव को मुहैया कराए थे। इनका एक साथी देवेश निवासी स्वामीनगर शिकोहाबाद हाल निवासी टूंडला रेलवे स्टेशन के पीछे टूंडाला फिरोजाबाद से फरार है।