सोशल ट्रेड के माध्यम से पैसा कमाने के चक्कर में लुटे समझदार लोग टीडीएस के खेल में बेवकूफ बन गए। टीडीएस काटे जाने के दावे और एनएफटी से पैसा जमा करने पर ही लोगों ने अपनी जमापूंजी दांव पर लगा दी। पढ़े-लिखे और समझदार लोगों को बताया गया कि उनका टीडीएस कट रहा है, जबकि ऐसा कोई टीडीएस कटा ही नहीं।
सोशल ट्रेड के माध्यम से हुई ठगी का शिकार हुए लोगों में अधिकतर पढ़े-लिखे हैं। व्यापारी, सर्विसमैन, छात्र, युवा वर्ग, वकील आदि लोग ठगी के शिकार हुए हैं। इन लोगों को एजेंटों ने झांसा दिया था कि आपका पैसा एनएफटी से जमा होगा और वैध तरीके से टीडीएस कटने के बाद रिटर्न मिलेगा।
बताया गया कि यदि आप 5750 रुपये से एसटीपी-10 की सदस्यता लेते हैं तो आपको रोज 10 लाइक करने होंगे। इसके बदले आपको रोजाना पांच रुपये प्रति लाइक की औसत से 50 रुपये मिलेंगे। सात रुपये टीडीएस काटकर आपके एकाउंट में 43 रुपये भेज दिए जाएंगे। इस प्रकार महीने में 891 रुपये मिलेंगे।
अब यह लोग ये नहीं समझ पाए कि जिस टीडीएस के काटे जाने का दावा किया जा रहा है, वह काटा ही नहीं जा रहा है। यदि टीडीएस कटता तो वह 10 फीसदी के हिसाब से 5 रुपये कटता, लेकिन काटा जा रहा था सात रुपये। यदि टीडीएस कटता तो वह जमा होता और तिमाही रिटर्न दाखिल करने पर पेन कार्ड पर 26एएस स्टेटमेंट में देखा जा सकता था।
तब तो किसी ने यह नहीं देखा कि क्या वास्तव में ही टीडीएस काटा जा रहा है। अब जब कुछ लोगों ने तिमाही रिटर्न दाखिल होने पर देखा कि उनके खाते में तो कोई टीडीएस जमा ही नहीं किया गया।
अनुभव मित्तल के खिलाफ एक और एफआईआर
सोशल ट्रेड के नाम पर अरबों रुपये की ठगी करने वाले अनुभव मित्तल और उसके एजेंटों पर शिकंजा कसता जा रहा है। स्याना के बाद नगर कोतवाली में भी आरोपी संजय मित्तल और एजेंट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। ठगी के शिकार लोग अब आरोपियों के खिलाफ खुलकर आने लगे हैं।
नगर के रामविहार शास्त्री नगर निवासी प्रवीण शर्मा पुत्र रामकुमार शर्मा ने कोतवाली नगर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि फोन पर संजय शर्मा नामक एजेंट से संपर्क हुआ, जिसने सोशल ट्रेड के बारे में जानकारी दी। उसके प्रलोभन पर उसने अनुभव मित्तल की कंपनी के एकाउंट में करीब 86 हजार रुपये जमा करा दिए।
कुछ दिन तो पैसे आते रहे, लेकिन बाद में पैसे आने बंद हो गए। इसके अलावा नगर के मोहल्ला तेलीबाड़ा निवासी प्रतीक गर्ग पुत्र मुकेश अग्रवाल ने भी नगर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। हालांकि अभी इसमें रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
ठगी करने वाली कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल और उसके एजेंटों पर शिकंजा कसता जा रहा है। ठगी के शिकार हुए लोग अब खुलकर बाहर आने लगे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अभी उहापोह की स्थिति में है।
गायब हुए एजेंट
सोशल ट्रेड के माध्यम से लोगों को ठगने में अहम भूमिका निभाने वाले एजेंट अब गायब हो गए हैं। लोगों में आक्रोश को पनपता देख यह एजेंट भूमिगत हो गए हैं। ठगी के शिकार लोगों को जाल में फंसाने वाले एजेंट अब ढूंढे भी नहीं मिल रहे हैं। जिले में ऐसे एजेंटों की संख्या 200 से भी ज्यादा बताई जा रही है। कई साइबर कैफे संचालक भी कंपनी के एजेंट बताए जा रहे हैं।
टीडीएस रिटर्न तिमाही दाखिल होती है। इसके बाद ही वह पेन कार्ड पर 26 एएस स्टेटमेंट में देखी जा सकती है। टीडीएस 10 फीसदी काटी जाती है। ठगी का शिकार एक व्यक्ति का स्टेटमेंट देखा गया, जिसमें कोई टीडीएस जमा ही नहीं किया गया।- प्रिंस अग्रवाल, चार्टड एकाउंटेंट
पांच एजेंसियों ने शुरू की जांच
7 लाख लोगों से 3700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाली नोएडा की कंपनी के खिलाफ रविवार को पांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), विशेष जांच दल (एसआईटी), आयकर विभाग (आईटी), हैदराबाद पुलिस की साइबर क्राइम सेल और कारपोरेट अफेयर्स मंत्रालय की सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम शामिल है।
हैदराबाद साइबर क्राइम सेल ने भी फर्जीवाड़े में दो रिपोर्ट दर्ज की है।उनके पास 10 और शिकायतें हैं। यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की 10 टीमें लगी हैं। रविवार शाम तक एसटीएफ की ईमेल आईडी reportfraud@upstf.com पर शिकायतों की संख्या 5000 का आंकड़ा पार कर गई। साथ ही, एसटीएफ टीमों ने अनुभव की पत्नी आयुषी अग्रवाल, उसके पिता सुनील मित्तल और कंपनी के सलाहकार सन्नी मेहता की भी तलाश में कानपुर, गाजियाबाद, हापुड़ व नोएडा में दबिश दे रहीं हैं।
अनुभव मित्तल के समर्थन में प्रदर्शन
ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस की गिरफ्त में आए अनुभव मित्तल के समर्थन में जंतर-मंतर पर रविवार को प्रदर्शन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में दिल्ली-एनसीआर के लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने अनुभव की तुलना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय से की। साथ ही आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने वैश्विक सोशल नेटवर्किंग साइट्स कंपनियों के दबाव में मित्तल को गिरफ्तार कराया है।
रविवार सुबह से ही समूहों में लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे। लोगों ने हाथ में ‘अनुभव मित्तल को रिहा करो’ के नारे लिखे हुए पोस्टर थे। दोपहर तक बड़ी संख्या में लोग जुट गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अनुभव और उनकी कंपनी सरकारी कानूनों के तहत काम कर रही है। उन्होंने किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं की है।
अनुभव के समर्थन में ऑनलाइन वोटिंग
वेब पोर्टल सोशल ट्रेड डॉट बिज के जरिये ठगी करने वाले अनुभव मित्तल के पक्ष में समर्थकों ने निवेशकों के बीच ऑनलाइन वोटिंग शुरू कर दी है। ऑनलाइन वोटिंग अभियान में निवेशकों से पूछा जा रहा है कि वो क्या मानते हैं अभिनव मित्तल सही हैं या गलत। लोगों को वोट करने के लिए केवल हां या न के बटन को क्लिक करना है।
इसे व्हाट्स एप, फेसबुक, यू-ट्यूब और ट्विटर के जरिये निवेशकों के बीच प्रसारित किया जा रहा है। शनिवार सुबह समर्थकों ने ऑनलाइन वोटिंग शुरू की, शाम पांच बजे तक इस पर लगभग 57000 लोग प्रतिक्रिया दे चुके हैं। वोटिंग करने के साथ ही इस लिंक पर कुल वोटों की स्थिति भी प्रदर्शित की जा रही है। इसके अनुसार 97 फीसदी लोगों ने अनुभव के पक्ष में वोटिंग की।