बुलंदशहर जिले के अस्पताल परिसर में शादी समारोह आयोजित कर डीजे बजाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की शिकायत मिलने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा जंतु उद्यान राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिया है कि बुलंदशहर के सीएमओ व संबंधित अस्पताल के सीएमएस को तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाए।
मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। सोमवार शाम राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने बताया कि बुलंदशहर के जिला महिला चिकित्सालय में रविवार रात शादी समारोह का आयोजन कर डीजे आदि का रंगारंग कार्यक्रम कराया गया।
इस आयोजन से अस्पताल में भर्ती मरीजों को काफी दिक्कतें हुईं। मंत्री ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिया गया है कि संबंधित जिले के सीएमओ तथा अस्पताल के सीएमएस को तत्काल हटा दिया जाए।
मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर आयोजन कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाए। मंत्री ने यह भी बताया कि सूबे के किसी भी अस्पताल में विवाह जैसे समारोहों के आयोजन पर पाबंदी लगा दी गई है। अस्पतालों को मैरिज हाल नहीं बनने दिया जाएगा।
स्वीपर-चौकीदार निलंबित
जिला महिला अस्पताल परिसर में नियमों को तोड़कर शादी समारोह आयोजित करना और डीजे बजाना स्वास्थ्यकर्मियों को भारी पड़ गया है। शासन की फटकार के बाद सीएमओ ने चौकीदार और स्वीपर को सस्पेंड कर दिया।
सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। बता दें कि जिला महिला अस्पताल में रविवार को स्वीपर माया देवी की बेटी की शादी की गई थी।
साइलेंट जोन वाले जिला महिला अस्पताल के गेट पर ही टेंट लगा दिया गया। प्रसूताओं के वार्ड के पीछे खाली पड़ी जगह पर पांडाल लगा दिया गया। शादी में रातभर डीजे बजता रहा।
बाराती जमकर नाचे। अस्पताल परिसर में शराब पी गई। डीजे के शोर से प्रसूता और नवजात बिलबिलाते रहे। अस्पताल परिसर के अंदर बारातियों ने नशे में जमकर हो-हुल्लड़ मचाया।
हद तो तब हो गई, जब किसी चिकित्सक या कर्मी ने इस पर कोई आपत्ति भी नहीं जताई। मरीजों के तीमारदारों ने शिकायत की तो उनकी सुनवाई नहीं हुई।
अफसरों को कॉल की गई तो आरोप है कि उन्होंने काल रिसीव नहीं की। मामला मीडिया में आने के बाद अफसरों की नींद खुली। शासन तक पूरा मामला पहुंच गया।
सूत्रों के मुताबिक प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीएमओ से पूरे मामले की जानकारी मांगी।
स्वीपर और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच बैठा दी गई है। एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। जांच में दोषी पाए जाने पर चिकित्सक और अन्य स्टाफ के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ