जनपद में जानलेवा बुखार के बाद अब डेंगू का संदिग्ध केस सामने आया है। डेंगू के संदिग्ध केस मिलने से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया है। हालांकि, अफसर इस संदिग्ध केस को दबाने में जुट गए हैं।
डेंगू से पीड़ित महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने को राजी नहीं है। वहीं, जानलेवा बुखार से पीड़ित सैकड़ों लोग खाट पर पड़े हुए हैं। कई मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
नगर क्षेत्र निवासी शांति देवी को डेंगू का संदिग्ध मानते हुए नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। सूत्रों का दावा है कि शांति को डेंगू हुआ है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस पर चुप्पी साध ली है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसर डेंगू के इस संदिग्ध केस को दबाने में जुटे हुए हैं। कोई भी अफसर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।वहीं, चोला क्षेत्र के गांव नगला गोविंदपुर में जानलेवा बुखार की चपेट में आने से दो की मौत हो चुकी है, जबकि बीमार ग्रामीणों का आंकड़ा 350 से पार पहुंच चुका है।
हर घर में बीमार मरीजों की खाट पड़ी हुई है। जानलेवा बुखार का प्रकोप धीरे-धीरे अन्य गांवों में भी बढ़ता जा रहा है। नजदीक के गांव सबूरा में भी करीब 100 से ज्यादा ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं।