अब शहर में सस्ती दर पर अरहर की दाल बेची जाएगी। जिला प्रशासन के आदेश पर सप्लाई विभाग दाल बिक्री के लिए स्टॉल लगवाने की व्यवस्था में जुट गया है। स्टॉलका फुटकर फार्मूला बढ़ती महंगाई में उपभोक्ताआें को थोड़ी राहत जरूर देगा।
अरहर की दाल का स्टाक खंगालने के लिए भी जिला स्तर पर अफसरों की टीम का गठन किया गया है। टीम व्यापारियों के गोदामों में अरहर की दाल का स्टॉक चेक करेगी। निर्धारित मात्रा से अधिक दाल मिलने पर कठोर कार्रवाई के साथ ही दाल को जब्त कर सस्ती दरों पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा।
स्टॉलों के लिए साइट का चिंहीकरण शुरू हो गया है। सप्लाई विभाग ने काला आम चौराहा को चिंहित कर लिया है। खासबात यह है कि अरहर की दाल 2.5 किलो से अधिक किसी को नहीं दी जाएगी। टीम में आपूर्ति विभाग की ओर से एआरओ और सप्लाई इंस्पेक्टर के अलावा अनाज मंडी सचिव और मार्केटिंग विभाग के अफसर को शामिल किया गया है।
डीएम ने संबंधित अफसरों को जिम्मेदारी सौंपते हुए किसी भी तरह की कोताही ना बरतने के सख्त आदेश दिए हैं। बढ़ती महंगाई मेें अरहर की दाल का फुटकर रेट 160 रुपये किलो पहुंच गया है। हालांकि थोक दाम 140 रुपये किलो है। दाल का दाम अधिक होने से गरीब की थाली में अरहर की दाल कम दिखने लगी है।