फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

120 महिला समूह तैयार करेंगे गन्ने की पौध

विज्ञापन
विज्ञापन
120 महिला समूह तैयार करेंगे गन्ने की पौध
विज्ञापन

बुलंदशहर। जिले में 120 महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ने की पौध तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने जिले में पहुंचकर इसकी शुरुआत करवा दी है। प्रति पौध सरकार 1.50 रुपये अनुदान देगी और किसान को यह पौधा दो से तीन रुपये तक बेचा जा सकेगा। इस तरह से महिला समूह की लाखों रुपये की कमाई होने की संभावना है।
जिले में चार चीनी मिलें हैं। इनमें अनूपशहर, अनामिका, साबितगढ़ और वेव शुगर मिल शामिल हैं। इन सभी मिलों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में 30-30 स्वयं सहायता समूहों का चयन गन्ने की पौध तैयार करने के लिए किया गया है। शासन के आदेश पर जिला गन्ना विभाग ने चयनित स्वयं सहायता समूह से गन्ने की पौध तैयार करवाना शुरू कर दी है।
विज्ञापन

एक महिला समूह कितने भी पौधे तैयार कर सकता है। गन्ने की पौध तैयार करने में कोई लागत नहीं आएगी क्योंकि महिलाएं अपने ही खेत के गन्ने लेकर तैयार कर सकती हैं। जिनके पास खेत नहीं है, उन महिलाओं को गन्ना विभाग की ओर से उपलब्ध करवाया जाएगा। पौध तैयार करने के लिए सीड ट्रेड शीड कटर निशुल्क उपलब्ध करवाया गया है।
महिलाओं द्वारा तैयार की जाने वाली पौध का भी विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करेंगे। 120 समूह से जुड़ी 500 से अधिक महिलाएं गन्ने की पौध तैयार करने में जुट गई हैं। वहीं दूसरी ओर विभाग ने समूह की ओर से तैयार गन्ने की पौध किसानों को उपलब्ध करवाने के लिए संपर्क तेज कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार चयनित किए गए महिला समूह की अधिक से अधिक कमाई करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
नर्सरी में तैयार पौध से बंपर होती है फसल
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसान अमूमन पुरानी विधि से ही गन्ने की बुआई करते हैं। इस विधि के तहत खेत में गड्ढा बनाया जाता है और उसमें गन्ने के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। इस विधि से खेत में जहां-तहां गन्ने के अंकुर नहीं निकल पाते हैं, लेकिन नर्सरी में तैयार पौध से गन्ने की फसल अच्छी होती है।
पिछले साल महिला समूह ने कमाएं थे 80 लाख से अधिक
शासन की ओर से जिले में गठित महिला समूहों को स्वावलंबी बनाने के साथ उनको कोई न कोई काम देकर सक्षम बनाने का काम किया जा रहा है। पिछले साल जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय की ओर से जिले में 80 महिला समूह को चिन्हित कर उनसे जुड़ी महिलाओं से गन्ने की पौध तैयार करवाई गई थी। इससे महिला समूह को 80 लाख रुपये से अधिक की आमदनी हुई थी।
विज्ञापन

सरकार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए गन्ने की पौध तैयार करवाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए शासन द्वारा भी उनकी मदद की जाएगी। जनपद में 120 समूह चयनित कर उनसे पौध तैयार करवाई जा रही है।
- बृजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें