बुलंदशहर। मामन रोड पर हुए सूफियान हत्याकांड और लूटपाट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी भाजपा नेता पुलिस की पकड़ से बाहर है। हालांकि, पुलिस ने छह टीमों को सक्रिय करने का दावा किया है, लेकिन अभी तक किसी भी मुख्य नामजद आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार और समाज में गहरा रोष व्याप्त है। जिले में सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
रविवार रात मामन रोड स्थित नीमखेड़ गांव के पास एक बाग की पैमाइश के दौरान दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई थी। इस विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। हमले में पूर्व विधायक हाजी अलीम के तहेरे भतीजे सूफियान की मौत हो गई, जबकि उसका भाई अकरम गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर भाजपा नेता पिंटू उर्फ सत्येंद्र, बबलू उर्फ विजय, भूरा उर्फ रविंद्र, तेजपाल सहित आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
इनमें से भूरा उर्फ रविंद्र को पुलिस ने हिरासत में लेने की बात कही, लेकिन मुख्य आरोपी पिंटू उर्फ सत्येंद्र अभी भी फरार है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए स्वाट टीम और थाना पुलिस समेत छह टीमों का गठन किया है, जो लगातार दबिश दे रही हैं। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों का हाथ न आना पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता की ओर इशारा कर रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस ठोस कार्रवाई करने से कतरा रही है। समाज के लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नामजद आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, जिसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
जिलाध्यक्ष ने संगठन को सौंपी रिपोर्ट
इस मामले में आरोपी का नाम भाजपा से जुड़े होने के कारण सियासी पारा भी चढ़ गया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन के उच्चाधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और संगठन के निर्देशानुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
I- नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पूछताछ के लिए अब तक आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। - दिनेश कुमार सिंह, एसएसपीI