औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव खाजपुर में बुखार से पीड़ित एक छात्रा की मौत हो गई। जबकि 40 से अधिक ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। छात्रा को चार दिन से बुखार था। परिजन एक चिकित्सक से इलाज करवा रहे थे। गांव में एक माह से सफाई कर्मी के न आने से गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गंदगी के कारण गांव में बीमारी फैल रही है। अमरगढ़ क्षेत्र के गांव मुबारकपुर पूठा में स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की। शिविर में 30 लोग बुखार से पीड़ित मिले।
गांव खाजपुर निवासी रविंद्र लोधी की 15 वर्षीय पुत्री अनु औरंगाबाद के सततो देवी कन्या हाईस्कूल की कक्षा दस की छात्रा थी। पिता रविंद्र लोधी ने बताया कि अनु को चार दिन पहले बुखार आया तो गांव के ही एक निजी चिकित्सक को दिखाया। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर औरंगाबाद के एक चिकित्सक को दिखाया। इसके बाद वह ठीक हो गई तो गांव ले आए। बृहस्पतिवार रात हालत बिगड़ने पर चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने बुलंदशहर ले जाने की सलाह दी।
बुलंदशहर में एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच कराई और उसे डेंगू बुखार होने की बात कह उपचार शुरू कर दिया। उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। गांव के श्रीपाल सिंह और संतरा देवी का बुलंदशहर के निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। जबकि उदयवीर सिंह, रामवीर सिंह, महावीर सिंह, रेशमा, ओमवती देवी, बबिता, धर्मपाल सिंह, राहुल और कविता का गांव में ही इलाज चल रहा है।
ग्रामीण खुद करते हैं सफाई
ग्रामीण जसवंत ने बताया कि पिछले एक माह से गांव में सफाईकर्मी नहीं आया है। जिससे नालियों में गंदगी भरी हुई है। काफी समय बाद भी सफाई कर्मी के न आने पर ग्रामीण अपने-अपने घरों के सामने से नालियां साफ करने को मजबूर हैं।
मुबारकपुर पूठा में लगा शिविर, 30 मिले बुखार से पीड़ित
ऊंचागांव। अमरगढ़ क्षेत्र के गांव मुबारकपुर पूठा में बुखार का प्रकोप फैलने पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और शिविर लगाया। शिविर में 50 मरीजों ने उपचार कराया। इसमें 30 लोग बुखार से पीड़ित मिले। 11 मरीजों में मलेरिया लक्षण होने पर जांच कराने पर दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें एक मरीज को रेफर कर दिया। इसके अलावा गांव मुबारकपुर में 25 लोगों में पांच लोग बुखार से पीड़ित मिले। गांव जसर में 20 से ज्यादा लोगों की जांच में नौ मरीज बुखार के मिले। गांव ककरई में 20 मरीजों में छह लोग बुखार से पीड़ित मिले। सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष मुद्गल ने बताया कि गांव में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण झोलाछाप से उपचार न कराएं।
जिला अस्पताल में बुखार के 414 मरीजों ने कराया उपचार
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को बुखार से पीड़ित 414 मरीज उपचार कराने पहुंचे। गंभीर मरीजों की मलेरिया, टायफाइड, डेंगू की जांच कराई गई। इसमें मलेरिया के 81 मरीजों की जांच में सभी निगेटिव मिले। टायफाइड की 139 लोगों की जांच में 57 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जबकि 50 लोगों की एनएस-1 किट से जांच में पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें नूरपूर निवासी 18 वर्षीय गुंजर, रामविहार निवासी 25 वर्षीय कपिता, धमैड़ा अड्डा निवासी 27 वर्षीय सुशीला व नसीम और अडौली निवासी 45 वर्षीय सर्वेश देवी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
डेंगू जांच में 15 सैंपल हुए खराब
जिले में डेंगू की एलाइजा जांच शुरू हो गई है। इसके लिए एनएस-1 किट से पॉजिटिव आने वाले लोगों सैंपल लेकर जांच की जा रही है। पिछले दिनों दानपुर में लगे शिविर में 15 लोगों की डेंगू जांच के लिए सैंपल लिया गया। जो जांच में खराब हो गया। अब इन लोगों का दोबारा सैंपल लेकर जांच की जाएगी। नोडल अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि जिन लोगों के सैंपल खराब हुए है। वे सभी स्वस्थ थे और मशीन की शुरुआत में रेंडम जांच के लिए सैंपल लिया गया।
बुखार से मौत की जांच कराई जा रही है। गांव में टीम को भेजकर शिविर लगाया जाएगा। अन्य बुखार से पीड़ित गांव में शिविर का लगातार आयोजन हो रहा है। गंभीर मरीजों के डेंगू, मलेरिया व टायफाइड आदि की जांच को सैंपल लिए जा रहे हैं। जिले में भी डेंगू की जांच शुरू करवा दी है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
गांव के सफाई कर्मी की पिछले दिनों मृत्यु हो चुकी है। उसकी जगह एक अन्य सफाई कर्मी को संबद्ध किया हुआ है। यदि वह गांव में नहीं पहुंच रहा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही नए सफाई कर्मी की नियुक्ति कर दी जाएगी। - डॉ. प्रीतम सिंह, डीपीआरओ