बीते कुछ दिनों से छा रहे बादल और चल रही हवाओं ने बृहस्पतिवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ही बदल दिया। पहले आंधी आई जिससे उड़ी धूल ने नगरवासियों को बेहाल किया तो कुछ ही देर बाद हुई बारिश से ठंडक बढ़ा दी।
बता दें कि पिछले तीन दिन से आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिक शुक्रवार और शनिवार को बारिश की संभावना जता रहे थे मगर, बृहस्पतिवार दोपहर बाद अचानक तेज आंधी शुरू हो गई। इसके चलते वाहन चालक खासकर दुपहिया वाहन चलाने वालों के ब्रेक लग गए।
उड़ी धूल ने बेहाल कर दिया और राहगीरों सहित सभी को कपड़े से मुंह ढांपने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही बारिश शुरू हो गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में ऐसा ही उतार-चढ़ाव हो सकता है।
आधे घंटे की बारिश ने बढ़ाई किसानों की बेचैनी
आधा घंटे की रिमझिम पड़ी बारिश ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। बारिश से किसानों ने आलू, सरसों, टमाटर व गोभी में नुकसान की बात कही है। सबसे ज्यादा नुकसान सरसों व आलू को बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम लगभग आधा घंटे की बारिश ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है।
रिमझिम हुई बारिश से किसान सरसों, आलू, गोभी, टमाटर आदि में नुकसान की बात कह रहे हैं। कुंवरपाल सिंह चौहान, प्रदीप चौधरी, अनुज त्यागी आदि किसानों ने बताया कि जो आलू खेतों में खुदा पड़ा है वह बारिश में भीगने के बाद भवके से गल जाता है। ऐसे आलू को यदि कोल्ड स्टोर में भी रख दिया जाए तो भी उसके गलने के चांज अधिक रहते हैं।
इसके अतिरिक्त बारिश की बूंद सरसों की फली को तोड़ती है । किसानों के अनुसार आलू तथा सरसों को लगभग 20 प्रतिशत तक का नुकसान है। वहीं टमाटर व गोभी में भी किसान 10 प्रतिशत तक नुकसान की बात कह रहे हैं।