मीट की बिक्री रोकने के विरोध में मीट विक्रेताओें ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने डीएम से मीट लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध पशु कटान और अवैध मीट की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।
आदेश के बाद बुलंदशहर, खर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर, डिबाई, स्याना, खानपुर, बीबीनगर, दानपुर, ऊॅचागांव, अरनिया, पहासू, स्याना, ककोड़, अहार, गुलावठी और जहांगीराबाद में पशु कटान और मीट की बिक्री बंद है।
मंगलवार को जिलेभर के मीट व्यापारी सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल रब की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने नारेबाजी भी की। करीब एक घंटा गहमागहमी के बाद मीट व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला।
डीएम ने मीट व्यापारियों को वैध कारोबार करने को कहा है। डीएम ने यह भी कहा कि वैध मीट बिक्री को रोका नहीं जाएगा। यदि कोई अधिकारी लाइसेंस धारक विक्रेता को परेशान कर रहा है तो उसकी सूचना दें। तुफेल, साजिद, हुसैन, साबिर, सददाम, शादाब, अनीस आदि मौजूद रहे।
मीट व्यापारियों के पास लाइसेंस हैं। नगर पालिकाओं ने लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों नहीं किया। सरकारी व्यवस्था में यदि कोई लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करता तो उसको नोटिस जारी किया जाता है। नगर पालिका या फूड सेफ्टी विभाग ने एक भी व्यापारी को नोटिस भी जारी नहीं किया।
अचानक कह देना कि पशुओं का कटान नहीं होगा यह सीधे तौर पर मनमानी है। अब्दुल रब, सपा जिलाध्यक्ष, बुलंदशहर