अहार/अनूपशहर/नरसेना/नरौरा। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद कटान का कहर जारी है। आहार क्षेत्र में प्रसिद्ध सिद्ध बाबा की प्रतिमा गंगा के बेहद करीब पहुंच गई है। यह प्रतिमा व स्थल कभी भी गंगा में समा सकते हैं।
कटान की जद में आकर वन विभाग की जमीन और पेड़ लगातार बह रहे हैं। फसलों में पानी खड़ा होने से किसानों की चिंता कम नहीं हो रही है। बुधवार सुबह बिजनौर बैराज से 67,903 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इसके पहुंचने पर गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होगी। आहार क्षेत्र में गंगा रौद्र रूप दिखा रही है। सिद्ध बाबा गंगा घाट पर कटान अभी जारी है। गंगा से 300 मीटर दूरी पर बनी प्रतिमा कटने के कगार पर है। सड़क करीब 300 मीटर कट चुका है।
पुलिस प्रशासन ने एक किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं के आवागमन को रोका है। गंगा किनारे घना जंगल और दलदल होने से अधिकारी वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसान ओमप्रकाश और रविंद्र का कहना है कि खेतों में बाढ़ का पानी भरा है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो फसलों को अधिक नुकसान होगा। इस नुकसान की भरपाई करना बहुत मुश्किल होगा।
अनूपशहर में बुधवार को गंगा के जलस्तर में आंशिक गिरावट दर्ज हुई है। बबस्टर गंज घाट पर पानी जाह्नवीद्वार आरती स्थल से उतर गया है। इससे लोगों ने राहत महसूस की। नगर पालिका ने सुरक्षा के लिए गहरे पानी में बैरिकेडिंग कराई है।
बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में बीते 24 घंटे से छह हजार क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है। बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,16,512 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इससे पहले डाउनस्ट्रीम में 1,22,848 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। हालांकि जलस्तर अभी लो फ्लड की श्रेणी में है।
गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बुधवार को बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,16,512 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकलने वाली एलसीसी नहर में 8,099 क्यूसेक और पीएलजीसी नहर में 6, 677 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।