चकबंदी के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे किसानों को शुक्रवार सुबह पुलिस ने बलपूर्वक हटाने की कोशिश की तो हालात बिगड़ गए। पुलिस पर पथराव हुआ जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। जवाब में पुलिस ने रबर बुलेट्स चलाईं तो तीन किसान घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर है।
इस दौरान धरनास्थल से किसान नेता मनवीर तेवतिया अचानक लापता हो गए। उनकी बरामदगी के लिए किसानों ने बुलंदशहर-जेवर हाईवे करीब नौ घंटे तक जाम रखा। सूचना पर पहुंचे एडीएम प्रशासन ने किसानों से वार्ता कर जाम खुलवाया।
झाझर गांव में चार जून से चकबंदी प्रक्रिया के तहत पैमाइश चल रही है। इसके विरोध में किसान 7 जून से धरना दे रहे हैं। 10 जून से आमरण अनशन भी शुरू कर दिया गया था। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे एसओ ककोड़ कौशलेंद्र यादव, चौकी प्रभारी झाझर आनंद वीर फोर्स के साथ पहुंचे और अनशनकारियों को बलपूर्वक हटाने की कोशिश की।
तभी कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और गाड़ियों के शीशे टूट गए। इस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। आरोप है कि पुलिस ने रबर बुलेट्स चलाईं। इसमें तीन किसान घनश्याम, हेमराज और जयप्रकाश घायल हो गए।
इसमें से दो को जिला अस्पताल से मेरठ रेफर कर दिया। बाद में किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया की बरामदगी के लिए किसानों ने बुलंदशहर-जेवर मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम प्रशासन अरविंद मिश्र किसानों का ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी मान-मनौव्वल के बाद किसानों ने दोपहर तीन बजे जाम खोला।