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Bulandshahar News: कताई मिल की 68 एकड़ जमीन पर लगेंगी फैक्टरी, निवेशकों को दी जाएगी जमीन

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कताई मिल सहकारीनगर का फोटो।
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बुलंदशहर। इनवेस्टर्स समिट के दौरान निवेश के लिए एमओयू करने वाले निवेशकों को अब 30 वर्षों से बंद पड़ी कताई मिल की 68 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। इसके लिए शासन के निर्देश पर कताई मिल संघ की ओर से यूपीसीडा को जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। योजना के तहत सहकारी नगर स्थित कताई मिल की जमीन पर औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए जमीन आवंटित की जाएगी।
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अनूपशहर रोड स्थित सहकारी नगर के पास 68 एकड़ जमीन पर बनी कताई मिल पिछले 30 साल से बंद पड़ी है। मिल का संचालन न होने के कारण मिल की खाली जमीन पर औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए दिसंबर 2023 में प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजा गया था। अब इस प्रस्ताव पर शासन ने स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत इनवेस्टर्स समिट में निवेश के लिए एमओयू करने वाले निवेशकों को मिल की 68 एकड़ जमीन को आवंटित किया जाएगा।
उम्मीद है कि विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आवश्यकता को पूरा करते हुए इस जमीन का आवंटन कराया जाएगा, ताकि 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर सकें। बताते चलें कि 1963-67 के बीच सहकारिता मंत्री रहे बाबू बनारसीदास के प्रयास से कताई मिल का निर्माण कराया गया था। वर्ष 1985 में पहली बार कताई मिल से उत्पादन शुरू किया गया था। करीब 30 साल पहले इस मिल का संचालन बंद कर दिया गया था। जिसके चलते मिल में रखी मशीनरी पूरी तरह से गल चुकी हैं।
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इन्वेस्टर्स समिट में 499 उद्यमियों ने किया था 76 हजार करोड़ का एमओयू
फरवरी 2023 में आयोजित हुए इन्वेस्टर्स समिट के दौरान जिले में 499 निवेशकों ने 76 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किया था। इसके बाद अपेक्षित और सस्ती दर पर जमीन न मिलने के कारण 40 हजार करोड़ निवेश करने वाले वेल्सपन ग्रुप की ओर से निवेश करने से हाथ पीछे खींच लिए। जबकि रिलायंस और आईओसी समेत अन्य बड़ी कंपनियों को भी निवेश को जमीन पर उतारने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाई। स्थिति यह है कि इनवेस्टर्स समिट के दौरान बढ़ा-चढ़ाकर निवेश दर्शाने वाले अधिकारी अभी तक 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश भी धरातल पर नहीं उतार सके हैं।

निवेशकों के सामने यह हैं चुनौतियां
- एक ही स्थान पर पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध न होना
- औद्योगिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध न होना
- निजी जमीन की कीमत अधिक होना
- नए प्रोजेक्ट के बजाए पुराने के विस्तार पर फोकस


कताई मिल संघ की जमीन को यूपीसीडा को ट्रांसफर किया जाएगा। इसके लिए शासन के निर्देश पर आवश्यक तैयारी की जा रही हैं। जल्द ही निवेशकों को जमीन आवंटित की जाएगी। - आशुतोष सिंह, उपायुक्त उद्योग
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