दलित समाज के लोगों ने फैसला कर लिया है कि भाजपा और आरएसएस जन्मजात हमारे खिलाफ है, भाजपा को कोई पार्टी हरा सकती है तो वह समाजवादी पार्टी है। बहुजन समाज पार्टी पर भी हमला करते हुए कहा कि उन्हें ईडी का डर है। सत्ता से कोई सूफी या संत ही लड़ सकता है। 151 स्थानों पर बाबा साहब की मूर्तियां टूटी, ये मूर्तियां नहीं विचार पर हमला है। एक घटना पर सख्त कार्रवाई हो जाएं तो बाकी सब अपने आप रुक जाएगी। यह सरकार दलितों का शोषण करने वाली सरकार है।
दलित नौजवानों ने एलान कर दिया है कि 100 साल की गुलामी से 100 दिन इज्जत के अच्छे हैं। समाज में रिश्ते ठीक रहने चाहिए। लेकिन सरकार ऐसा नहीं करने देगी। एटा के एक गांव में दलित समाज के लोग हनुमान जयंती में जाने के साथ सभी त्योहार मिलजुल कर मनाते थे, लेकिन वहां बाबा साहब की जयंती यात्रा नहीं निकलने दी गई। मजबूरी में नौजवानों ने कलश यात्रा को नहीं निकलने देने का फैसला किया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी ग्वालियर में बाबा साहब की प्रतिमा नहीं लगने दी गई।
दुनिया की कोई ताकत आरक्षण खत्म नहीं कर सकती: सुमन
कहा कि कुछ लोग कहते है कि आरक्षण खत्म होना चाहिए। आरक्षण खत्म हो जाना चाहिए उससे पहले एलान करें कि जात-पात के नाम पर दंगा नहीं करेंगे और छुआछूत नहीं मानेंगे। कहा कि दुनिया की कोई ताकत आरक्षण को खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने सभी से 15 नवंबर को आगरा में होने वाले विशाल दलित सम्मेलन में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। कहा कि गठबंधन में दरार पैदा हो ऐसी बात किसी को नहीं बोलनी चाहिए।
सपा सांसद ने सीएम योगी पर साधा निशाना
हनुमान जी से आशीर्वाद लेने वाले फोटो पर कहा कि हनुमान जी यदि अखिलेश यादव को आशीर्वाद दे रहे हैं तो इसमें नुकसान क्या है, क्या उनपर सिर्फ आरएसएस वालों का ठेका है। पहले अली और अब बजरंगबली के सवाल पर कहा कि योगी आदित्यानाथ मर्यादा में रहे, अखिलेश यादव को क्या करना है क्या नहीं ये सिर्फ हमें तय करना है, योगी आदित्यनाथ अखिलेश यादव की दिनचर्या तय नहीं कर सकते।
अपनी पार्टी के बारें में हम फैसला करेंगे। पीडीए के नाम बदलने पर कहा कि अखिलेश यादव कोई कार्य करेंगे तो क्या केशव प्रसाद मौर्या से पूछकर करेंगे। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली, जिला महासचिव कृष्णपाल यादव, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक चौधरी होशियार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर, हिमायत अली, हाजी अख्तर, लोधी चमन सिंह आदि मौजूद रहे।