बुलंदशहर। फर्जी कंपनी खोलकर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले दो शातिर आरोपियों अशोक और धर्मपाल को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को छह-छह वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर पचास-पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वर्ष 2021-22 में आरोपी अशोक निवासी चांदनेर, हापुड़ और धर्मपाल निवासी भड़काऊ, बुलंदशहर ने मिलकर एक फर्जी कंपनी बनाई और लोगों को झूठे सपने दिखाकर उनसे रुपये ऐंठ लिए।
इस आपराधिक कृत्य के संबंध में थाना स्याना में 14 जुलाई 2021 को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद एक अन्य मुकदमा 13 जनवरी 2022 को भी धोखाधड़ी का ही दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और निर्धारित समय में ही पहले मुकदमे में 20 नवंबर 2021 को दूसरे मुकदमे में 29 अप्रैल 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए।
न्यायालय एसीजे/एसडी द्वितीय के न्यायाधीश अर्जुन सिंह ने दोनों अभियुक्तों अशोक और धर्मपाल को दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर दोषसिद्ध करार दिया है। साथ ही न्यायालय ने दोनों दोषियों को छह-छह वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी अशोक एक शातिर किस्म का माफिया है। इस जालसाज के विरुद्ध न केवल बुलंदशहर, बल्कि हापुड़ और गौतमबुद्धनगर जनपदों में भी कुल 51 मुकदमे दर्ज हैं।