खुर्जा। कोतवाली पुलिस ने पिछले डेढ़ महीने में 200 से अधिक मोटर चोरी करने वाले छह चोरों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें तीन आरोपी डेढ़ महीने पहले ही गिरोह में शामिल हुए। एक आरोपी चोरी हुए समान को कबाड़ में खरीदता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने 70 किलोग्राम तांबे का तार और अन्य उपकरण बरामद किए।
सीओ खुर्जा विकास प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि खुर्जा कोतवाली पुलिस बृहस्पतिवार रात को पिसावा रोड पर गोठनी गांव के पास चेकिंग कर रही थी। उसी समय शाहपुर गांव के पास एक कार आ रही थी, जिसको रोकने का इशारा किया। पुलिस को देख कार सवार आरोपी तेजी से भागने लगे। वहीं पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया।
आरोपियों की कार अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार से टकरा गई। पुलिस ने वहीं आरोपियों को घेर लिया। पुलिस को देख आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में पुलिस ने आरोपियों पर जवाबी फायरिंग की। इसमें दोनों युवकों के पैर में गोली लगी। आरोपियों की पहचान मेरठ के सरूरपुर निवासी दिलावर और हापुड़ के सिंभावली निवासी ताहिर के रूप में हुई। घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया और उनकी कार से बरामद तांबे के तार बंडल व उपकरणों के बारे में पूछताछ की गई।
आरोपियों ने गांवों में से मोटर चोरी करने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि उनके साथी भी क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिस पर पुलिस ने गोठनी गांव के पास से अन्य आरोपियों को भी पकड़ा, जिसमें मेरठ के लोबिया नगर निवासी नसीम, कासिम, सरूरपुर निवासी अकरम, हापुड़ सिंभावली निवासी सोनू के रूप में हुई।
कोतवाली प्रभारी राजपाल सिंह तोमर ने बताया कि बदमाशों के कब्जे से दो तमंचा, कार, 21 प्लास, दो पेचकस, एक पाना, तीन छेनी, दो टॉर्च, और तांबे के तार बरामद किए। आरोपियों ने जनवरी और फरवरी माह में अलग-अलग थाना क्षेत्र में 25 से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें प्रत्येक घटना में आठ से दस मोटर चोरी करते थे। इसमें पुलिस के पास केवल 11 मुकदमे दर्ज हैं।
परिवार के लोगों को ही गिरोह में कर लिया शामिल
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ताहिर और दिलावर गिरोह के सरगना थे, जिनके के खिलाफ वर्ष 2022, 2023 और 2024 में भी मुकदमे दर्ज हुए थे। इन्होंने गिरोह को बढ़ाने के लिए अपने परिवार के लोगों को भी शामिल करना शुरू कर दिया। इसमें ताहिर ने अपने छोटे भाई सोनू, दिलावर ने चचेरे भाई अकरम और चाचा नसीम को भी जोड़ लिया। पांच आरोपी चोरी के माल को कबाड़ी कासिम को बेचते थे।
घटना के बाद प्रत्येक सदस्य को मिलते थे दो हजार रुपये
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिलावर और ताहिर ने उनको प्रत्येक घटना में दो हजार रुपये देने की बात कही थी। इसमें सोनू हापुड़ में ही एक कंपनी में लोहे की वेल्डिंग की नौकरी करता है। नसीम मेरठ में ही सब्जी की दुकान करता है। कासिम कबाड़ी है और अकरम मजदूरी करता है।