बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के सुशीला विहार द्वितीय निवासी एक सरकारी कर्मचारी के पैन कार्ड पर अज्ञात जालसाजों ने एक-दो नहीं बल्कि छह अलग-अलग लोन ले रखे हैं। जालसाजों ने शातिर तरीके से सिबिल रिपोर्ट में दिल्ली के पते दर्ज कराए हैं। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोहल्ला सुशीला विहार द्वितीय निवासी प्रेमसिंह सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि आयकर विभाग ने वर्ष 2002 में उन्हें पैन कार्ड जारी किया था, जिसका वह नियमित रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं और समय पर अपना आयकर रिटर्न भी भरते हैं। हाल ही में जब वह अपनी निजी जरूरतों के लिए बैंक में लोन लेने पहुंचे, तो बैंक अधिकारियों ने सिबिल स्कोर चेक कर उन्हें बताया कि उनके नाम पर पहले से ही कई लोन चल रहे हैं। यह सुनकर प्रेमसिंह के होश उड़ गए, क्योंकि उन्होंने हाल के वर्षों में कोई बड़ा लोन नहीं लिया था।
सिबिल रिपोर्ट में दिल्ली का पता और फर्जी नंबर
संदेह होने पर जब पीड़ित ने अपनी सिबिल रिपोर्ट निकलवाई, तो उसमें भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार प्रेमसिंह के पैन कार्ड पर कुल छह लोन सक्रिय दिखाए गए हैं। जालसाजों ने बैंक रिकॉर्ड में पीड़ित के नाम के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर और नीलोठी एक्सटेंशन के फर्जी पते दर्ज करा रखे हैं। इतना ही नहीं, लोन के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर भी किसी अन्य व्यक्ति का है, जिससे कि पीड़ित को बैंक से आने वाले मैसेज का पता न चल सके। प्रेमसिंह ने नगर कोतवाली में संबंधित व्यक्तियों और वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर सेल साक्ष्य जुटाने में लग गई है।
इन बैंकों और संस्थाओं से हुई धोखाधड़ी
होम क्रेडिट इंडिया: 7,589 रुपये का लोन
पंजाब एंड सिंध बैंक: 50,000 रुपये का ऋण
एचडीएफसी बैंक: 60,400 रुपये के चार अलग-अलग लोन
Iपीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सिबिल रिपोर्ट में दर्ज पतों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया जा रहा है। वित्तीय संस्थानों से भी जानकारी मांगी जा रही है कि बिना भौतिक सत्यापन के लोन कैसे जारी किए गए। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - शंकर प्रसाद, एसपी सिटी, बुलंदशहरI