सीवर लाइन तो बिछाई, नहीं बनाई गई सड़क
बुलंदशहर। शहर में 586 करोड़ की लागत से बिछाई जा रही सीवर लाइन को लेकर दावे किए जा रहे थे कि इससे शहर का विकास होगा। विकास तो दूर अभी यह लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। लाइन बिछाने के बाद सड़कों को न बनाने के कारण आए दिन लोगों को धूल, बारिश से कीचड़ समेत अन्य परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
करीब तीन वर्ष पूर्व शहर के विकास के दावों के साथ शुरू की गई 586 करोड़ की सीवर योजना, फिलहाल लोगों के स्वास्थ्य के साथ सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। मानकों की अनदेखी के साथ अधिकारियों के आंखें मूंद लेने के साथ कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की लापरवाही से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। शहर में दर्जनों जगहों पर सीवरलाइन बिछाने के बाद दर्जनों स्थानों पर या तो सड़क ही नहीं बनाई गई और यदि बनाई भी है तो वह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इसके अलावा सीवर लाइन के मेन होल पर लगाए गए ढक्कन भी हल्के वाहनों के गुजरने के बाद चकनाचूर हो गए।
लल्ला बाबू चौराहा
नगर के मुख्य मार्गों में से एक लल्ला बाबू चौराहे पर भी सीवर लाइन बिछाने के बाद कार्य पूरा नहीं किया गया है। हालात यह हैं कि यहां खानापूर्ति करते हुए खुद को बचाने का प्रयास तो किया गया, लेकिन नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही के कारण यहां परेशानी और बढ़ गई है। यहां पर खुला हुआ नाला किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
डीएवी तिराहा
नगर के बाईपास के फ्लाईओवर से शिकारपुर तिराहे की ओर सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क के एक हिस्से को यूं ही छोड़ दिया गया है, जिससे यहां बारिश के कारण पानी भर जाता है और कीचड़ के रूप में बदल जाता है। जबकि प्रतिदिन यहां से हजारों की संख्या में लोग बसों का इंतजार करते हुए अपने गंतव्य को जाते हैं।
चांदपुर रोड
चांदपुर स्थित एफसीआई गोदाम से चांदपुर गांव की ओर जाने वाले रास्ते की हालत काफी खराब है। यहां सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदा तो गया और लाइन भी बिछाई गई, लेकिन सड़क निर्माण के नाम पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे यहां से आने जाने के दौरान धूल उड़ती है और लोगों को परेशानी होती है।
ईदगाह रोड
नगर के ईदगाह रोड पर जिलाधिकारी कार्यालय के कुछ पीछे ही सीवर लाइन बिछाने के दौरान पानी की पाइप लाइन टूट गई थी। जिसके बाद खानापूर्ति करते हुए लाइन जोड़ दी गई और सड़क बना दी। जिसके बाद फिर से पानी की लीकेज हो रही है और इससे सड़क भी खराब हो रही है। उक्त स्थानों से वाहनों के गुजरने के दौरान पानी के छींटे अन्य राहगीरों पर पड़ते हैं।
कोट
जहां भी अभी सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, वहां पर निर्माण के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। यदि कहीं पर सड़क अभी तक नहीं बनाई गई है तो इसके लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया जाएगा।
- मौ. मुईज कुरैशी, एक्सईएन, जल निगम