बुगरासी रोड स्थित नहर पर लोहे के पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बंद होने पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पुल के बंद होने से स्याना-बुगरासी रोड की बसें भी बंद हो गई हैं। जिसके कारण लगभग चार दर्जन गांवों के लोग बाधित होकर पांच किम. दूर चक्कर काटकर स्याना पहुंच रहे हैं।
तीन दिन से बंद पुल से गढ़ रोड सराय नहर पुलिस चौकी से बुगरासी रोड नहर पटरी पर वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। जाम जैसे हालत हैं। बुगरासी रोड नहर का पुल आवागमन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। स्याना तहसील मुख्यालय पर सैकड़ों लोगों द्वारा अपने वाहनों से स्याना आना जाना होता है।
लोहे के बने नहर पुल की पिछले कई वर्षों से बेहद जर्जर हालत थी लेकिन पीडब्लूडी अधिकारियों ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया। मंगलवार की शाम को पुल के एक कि नारे के बैठ जाने के कारण विभाग का ध्यान इस ओर गया जबकि इस पुल के जर्जर होने से बड़ा हादसा होने से बचा।
इस पुल के बंद होने पर बुगरासी की ओर से आने वाले लोग सराय नहर पुलिस चौकी की ओर से घूमकर वाया गढ़ स्टैंड स्याना में आ रहे हैं। इसी प्रकार मांकड़ी से लेकर पिलखनी तक स्याना आने जाने वाले लोगों को पांच कि मी. का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चे भी इस पुल से बाधित हैं। लोगों द्वारा पीडब्लूडी के अधिकारियों के खिलाफ रोष व्याप्त है। लोगों द्वारा पूर्व में ही पुल निर्माण का कार्य शुरू करने की बात कही गई है।
पुल निर्माण में सही सामग्री लगाई जाए। इसमें लापरवाही हुई तो भविष्य में कोई भी हादसा हो सकता है। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन दो इस ओर ध्यान देना चाहिए। -जाहिद हसन उर्फ बब्बू भाई , समाजसेवी
लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय इस स्थान पर रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक से लोगों की सुरक्षा का खतरा भी बनेगा। प्रशासन इस ओर भी अपना ध्यान केंद्रित करे।- मदन मोहन, शिक्षक
इस पुल के जर्जर होने पर मांकड़ी, रानापुर आदि दर्जनों गांवों के लोगों ने पीडब्लूडी विभाग से पुल निर्माण की मांग की थी लेकिन विभाग ने कोई सुध नहीं ली। समय रहते पुल निर्माण होता तो आज ये समस्या नहीं होती। -नरेश शर्मा