नगर के एक मैरिज होम में हुए विवाह समारोह में शामिल नवविवाहित जोड़े अपने परिजनों के साथ। संवाद
बुलंदशहर। शहनाई बज रही थी और दुल्हन व दुल्हा पक्ष के परिवार वाले पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। वर व वधू ने एक-दूसरे को माला पहनाई तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पंडितों ने नवविवाहित जोड़ों को सात फेरे दिलाए तो काजी ने निकाह पड़ा। मौका था शनिवार को नगर के एक मैरिज होम में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समारोह का। इस दौरान 82 जोड़ों की शादी हुई। इनमें से 59 ने सात फेरे लिए और 23 का निकाह पढ़ा गया। माननीय और अधिकारियों ने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया।
समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह की खास तैयारी की गई। इस दौरान जिला पंचायत डॉ. अंतुल तेवतिया, विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मी राज सिंह, मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल, नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष दीप्ति मित्तल, जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अनिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी जोगेंद्र यादव, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मानवेंद्र यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास नीलम चौहान समेत अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
जिला पंचायत डॉ. अंतुल तेवतिया व विधायक लक्ष्मी राज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से सरकार प्रति विवाह एक लाख रुपये खर्च करती है।
सभी हिंदू नवविवाहित जोड़ों के पं. रामविलास और श्रीनिवास शर्मा ने फेरे कराए और मौलाना इरफान अहमद ने निकाह पढ़ा। जिला समाज कल्याण अधिकारी संजना सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह के दौरान सभी शादियों पर 82 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बताया कि एक शादी पर एक लाख रुपये खर्च किए गए। इस राशि में से कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना के लिए सहायता राशि के तौर पर 60,000 कन्या के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। 25,000 रुपये का दान स्वरूप सभी नवविवाहित जोड़ों को जरूरत का सामान दिया गया। इसके अलावा 15 हजार रुपये समारोह के अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए व्यय किया गया है। उन्होंने यह भभीा बताया कि इसी तरह आगे भी जल्द योजना से शादी कराई जाएंगी।