11 माह बाद आज से ‘गुलजार’ होंगे स्कूल
बुलंदशहर। कोरोना काल के बीच बंद हुए स्कूल 11 माह बाद बुधवार को छोटे बच्चों के लिए भी खुल जाएंगे। स्कूलों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। स्कूलों में गाइड लाइन के तहत कक्षाएं चलाने के लिए तैयारियां की जा चुकी हैं। अधिकांश अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं।
कोरोना काल के बीच बीते वर्ष 25 मार्च को सभी शिक्षण संस्थान बंद हो गए थे। इसके बाद बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। गत दिनों शासन ने कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दे दी थी। अब शासन ने कक्षा छह से आठवीं तक की कक्षाएं चलाने की भी अनुमति दे दी है। कक्षा एक से लेकर पांचवीं तक के स्कूल एक मार्च से खुलेंगे। कक्षा छह से लेकर आठवीं तक की कक्षाओं के संचालन का आदेश मिलते ही विद्यालयों में तैयारियां शुरू हो गईं। स्कूलों में साफ-सफाई के साथ सैनिटाइजेशन भी किया गया। शासन की ओर से जारी गाइड लाइन के तहत व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा और बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कक्षा में बैठाया जाएगा। यदि किसी ने इसका पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग का करना होगा पालन
स्कूल खुलने पर बच्चों को लाने और ले जाने के लिए वाहन चलेंगे। शासन का आदेश है कि वाहनों में बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाना होगा। स्कूली वाहनों को सैनिटाइज करवाने के साथ ही गाइड लाइन के तहत अन्य व्यवस्थाएं भी करनी हाेंगी। छात्रों की संख्या अधिक होने पर इसके लिए स्कूल संचालक वाहनों के दो फेरे भी लगा सकते हैं। किसी भी सूरत में वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे नहीं बैठाए जा सकेंगे। हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। वाहन में बैठने वाले बच्चों और चालक-परिचालक को भी मास्क लगाना होगा।
सहपाठी के साथ भोजन साझा नहीं करेंगे बच्चे
छात्र-छात्राएं अपने साथ भोजन लेकर आएंगे लेकिन किसी सहपाठी के साथ साझा नहीं करेंगे। स्कूल प्रबंधन को बाहर लगने वाली खाने-पीने की रेहड़ी हटवानी होगी। बच्चों को बाहर का सामान खरीदने और खाने की अनुमति नहीं होगी। यह सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन का कार्य होगा। स्कूल में यदि कैंटीन है तो बच्चे वहां से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी पसंद के खाने-पीने की चीजें ले सकते हैं।
बोले प्रधानाचार्य
स्कूल में कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन हो रहा है। शासन की गाइड लाइन के अनुसार गेट पर वाशबेसिन लगाना अनिवार्य है। स्कूल खुलने के लिए पूरी तरह तैयार है। कुछ और व्यवस्थाएं अभी करनी हैं। ऐसे में स्कूल 15 फरवरी से खोला जाएगा। - डॉ. भूपेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, संतोष इंटरनेशनल स्कूल।
छह से आठवीं तक की कक्षाएं चलाने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। अभिभावकों से भी सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं को स्कूल में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - नितेश कुमार, प्रधानाचार्य, आजाद पब्लिक स्कूल।
शासन के आदेशानुसार स्कूल परिसर और कक्षाओं को सैनिटाइज किया जा रहा है। अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र मांगे गए। सभी कक्षाओं का संचालन गाइड लाइन के अनुसार ही किया जाएगा। - सविता सिंह, प्रधानाचार्या, सेंट मोमिना स्कूल।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी जितनी अभिभावकों की है, उतनी ही हमारी भी है। इसलिए बच्चों को कोविड-19 से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा। - पवनदीप कौर, प्रधानाचार्या, सेक्रेट हार्ट्स स्कूल।
बोले अभिभावक
कोरोना काल में जो भय था, वह अब कुछ कम हो गया है। अब जब शासन ने कक्षाओं का संचालन करने का आदेश जारी कर दिया है तो बच्चों को स्कूल भेजना भी जरूरी है, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। - मंजू शर्मा, अभिभावक।
अभी कोरोना का डर कम नहीं हुआ है लेकिन बच्चों की पढ़ाई भी जरूरी है। बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकती। स्कूल में पूरी व्यवस्था देखने के बाद ही बच्चे को स्कूल भेजूंगी। - सविता, अभिभावक।
स्कूल की ओर से बच्चों को भेजने के लिए सहमति पत्र मांगा गया है। इसे स्कूल में देकर अपने बच्चों को स्कूल भेजूंगा। 11 माह से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे और पढ़ाई भी काफी प्रभावित हो गई है। - सुनील कुमार, अभिभावक।
शासन ने जब स्कूलों में कक्षाओं के संचालन का आदेश जारी कर दिया है तो हमें बच्चों को भेजने में कोई परहेज नहीं है। अब तो कोरोना की वैक्सीन भी आ चुकी है। बच्चों को स्कूल जरूर भेजूंगा। - देवदत्त लोधी, अभिभावक।
परिषदीय स्कूलों में मास्क पहनकर बनाना होगा मिड डे मील
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में तैनात रसोइयों को स्वयं और परिवार के सदस्यों को कोविड-19 से संक्रमित न होने का प्रमाणपत्र देना होगा। वहीं, मास्क लगाकर ही एमडीएम बनाना होगा। इस दौरान आभूषण पहनने पर रोक रहेगी। बच्चों को स्कूल में ही भोजन मिलेगा। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनेगा। स्कूल में प्रवेश करते समय रसोइयों को हाथ सैनिटाइज करना होगा। उन्हें मास्क लगाना होगा। भोजन वितरण से पहले बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुरूप पंक्ति में बैठाकर भोजन परोसा जाएगा। हाथ धुलते समय भी छात्रों के बीच दूरी का ध्यान रखना होगा। रसोई के कूड़े को डस्टबिन में डालना होगा। बर्तन होने के बाद पोंछने की जगह उनको सुखाना होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि सभी उच्च प्राथमिक स्कूलों के रसोइयों से संक्रमित न होने का प्रमाणपत्र लिया गया है। उन्हें शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा। संवाद