हर समय विवादों में रहने वाला जनपद का बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय का एक और खेल उजागर हुआ है। नया मामला ‘रिश्वत’ लेकर टीचरों के मनचाहे स्कूलों में ट्रांसफर का है।
इसकी शिकायत डीएम और सीडीओ को मिली तो जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उधर, बीएसए ने शिकायत मिलने से इनकार करते हुए मामले से अनभिज्ञता जताई है।
डीएम और एसपी को शिकायत की गई है कि एक शिक्षामित्र सहायक शिक्षक बने थे। इन्होंने पहले नियुक्त किए गए विद्यालय में ज्वाइन कर लिया।
इसके बाद नौ टीचरों और एक प्रधानाध्यापक ने ‘रिश्वत’ देकर अपने मनमाफिक विद्यालयों में स्थानांतरण करवा लिया है। आरोप यह भी है स्थानांतरण होने वाले टीचरों ने अपने ही गांव के विद्यालय में तैनाती पाई है।
इन टीचरों का स्थानांतरण पूर्व प्रभारी बीएसए डॉ. पूरन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। शिकायतकर्ता ने इन सभी टीचरों के नाम और किस विद्यालय से किस विद्यालय में स्थानांतरण हुआ। इसको भी शिकायत में शामिल किया है। सीडीओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शिकायत मिली है कि 10 टीचरों को प्रभारी बीएसए ने अवैध वसूली कर मनमाफिक विद्यालय में स्थानांतरण कर दिया है। इस शिकायत की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी
- चुनकू राम पटेल, सीडीओ
अवैध वसूली कर टीचरों का स्थानांतरण करने की शिकायत अभी मिली नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच करवाई जाएगी। फिलहाल वे अपने स्तर से भी मामले की जानकारी कर रहे हैं। यदि ऐसा हो तो मामला काफी गंभीर है- वेदराम, बीएसए