दानपुर में सात में से दो किसानों के पास ही मिला बेलर कृषि यंत्र
बुलंदशहर। जिले के कृषि विभाग में बेलर कृषि यंत्र की खरीद में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। डिबाई, दानपुर सहित अन्य ब्लॉकों में छह टीमों ने किसानों का सत्यापन किया। मौके पर कुछ किसान मिले हैं, जिनसे पूछताछ हुई है। जबकि डीलर फरार हैं। टीम सीधे किसानों से संपर्क कर रही है। यह टीमें सोमवार को भी जांच कर सकती हैं। दानपुर में सात में दो किसानों के पास ही यंत्र मिला है।
बेलर कृषि यंत्र में घोटाले के लिए शासन स्तर से गठित छह टीमों के अधिकारी शनिवार को ही जिले में पहुंच गए थे। रविवार को दूसरे दिन भी इन टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर जांच की। दानपुर में जांच के दौरान गड़बड़ी मिली है। पूरे मामले में डीलर और बाबू की मिलीभगत सामने आ रही है। इसमें कई विभागीय अधिकारी और बाबू भी रडार पर हैं। टीम जांच रिपोर्ट अपने साथ ले जाएगी। शासन की प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीडयू योजना में किसानों को वर्ष 2020-21 व 21-22 में किसानों को 209 बेलर कृषि यंत्र दिए गए, जिनमें अनुदान 7.09 करोड़ रुपये का है। इसमें धांधली सामने आ रही है। टीमों में शामिल अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उप निदेशक कार्यालय में भी खंगाले दस्तावेज
रविवार को टीमों में शामिल अफसरों ने वलीपुरा नहर स्थित जिला उपकृषि निदेशक कार्यालय में दस्तावेज खंगाले और योजना के क्रियान्वयन का पूरा ब्योरा लिया। इसके बाद टीम अलग-अलग तहसीलों में सत्यापन के लिए निकल गई। जांच से सभी की सांसें अटकी हुई हैं। जब टीम दानपुर क्षेत्र में पहुंची तो वहां सत्यापन के दौरान सात में से दो किसानों के पास बेलर कृषि यंत्र मिले हैं। जबकि पांच किसान ऐसे थे, जिनके नाम बेलर चढ़ा लेकिन उन्हें बेलर नहीं दिया गया। जांच टीम को सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा दानपुर व डिबाई में मिला है।
कृषि बेलर यंत्रों की जांच जारी है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। जिला स्तरीय जांच रिपोर्ट भी शासन में जाएगी। इसमें टीमों में शामिल अफसरों का सहयोग किया जा रहा है। - सीपी सिंह, डीएम।