बुलंदशहर। बारिश के बाद शहर में सीवर लाइन ओवरफ्लो होने की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। कई इलाकों में सीवर का बदबूदार पानी सड़कों पर बहने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। नगर पालिका ने करीब 50 लाख रुपये खर्च कर सीवर सफाई के लिए रोबोट खरीदा था। वह आज भी पालिका के गैराज में खड़ा धूल फांक रहा है।
सोमवार को राधानगर, साठा, नरसलघाट, कसाईबाड़ा समेत कई मोहल्लों में सीवर लाइनें उफनाने लगीं। सड़कों पर गंदा और बदबूदार पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हल्की बारिश के बाद ही सीवर जाम हो जाते हैं। गंदा पानी घरों के बाहर तक पहुंच जाता है।
बरसात में यह समस्या और विकराल हो जाती है। सीवर का गंदा पानी सड़क पर फैलने से दुर्गंध के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि बदबू और जलभराव के कारण ग्राहक भी आने से कतराते हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।
शहरवासियों का आरोप है कि नगर पालिका समय पर सीवर लाइनों की सफाई नहीं कराती। कई बार शिकायत करने के बाद भी केवल औपचारिक कार्रवाई होती है। कुछ ही दिनों में फिर वही स्थिति बन जाती है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सीवर व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है।
50 लाख का रोबोट गैराज में, नहीं हो रही सफाई
नगर पालिका ने आधुनिक तकनीक से सीवर सफाई के लिए करीब 50 लाख रुपये का रोबोट खरीदा था ताकि बिना मैनहोल में उतरे जाम सीवरों की सफाई की जा सके। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह रोबोट अभी तक नियमित संचालन में नहीं लाया गया। यह पालिका के गैराज में ही खड़ा है। यदि इसका प्रभावी उपयोग किया जाए तो शहर में सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
सीवर लाइन को साफ कराने के लिए कार्य किया जा रहा है। समय- समय पर सफाई के साथ उचित व्यवस्था की जा रही है। कई बार बारिश में अधिक पानी होने के चलते सीवर लाइन से पानी निकलता है। डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका