सांस लेने में दिक्कत होने पर एनएपीएस अस्पताल लाए गए रिटायर्ड दरोगा की इमरजेंसी में ही मौत हो गई। इस पर परिजनों ने लगभग चार घंटे हंगामा किया। उनके गुस्से को देख अस्पताल का स्टाफ गायब हो गया। बाद में सूचना पर पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक के जांच कर उचित कार्रवाई के आश्वासन दिया तो लोग शांत हुए और शव ले गए।
मोहल्ला कर्मधर्म निवासी सेवानिवृत एसआई शिवनारायण शर्मा (74 ) को सुबह सांस लेने में दिक्कत हुई तो परिजन उन्हें परमाणु बिजलीघर स्थित चिकित्सालय ले गए। इनके पुत्र राजेश भारद्वाज और पौत्र ओम भारद्वाज का आरोप है कि इमरजेंसी में मिली एक महिला चिकित्सक ने इलाज में लापरवाही बरती और परिजनों से अभद्रता की।
हालत बिगड़ने पर स्टॉफ ने उच्चाधिकारियों का हवाला देकर एंबुलेंस उपलब्ध कराने से भी इनकार कर दिया। कुछ ही देर बाद शिवनारयण शर्मा की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया।
जानकारी मिलते ही सपा नेता प्रेमचंद शर्मा, चेयरमैन पति राजू पंड़ित, किताब सिंह यादव, विजय शर्मा, विवेक वशिष्ठ, व्यापारी नेता धनंज्य शर्मा, सोनू उपाध्याय, ओमप्रकाश वर्मा समेत करीब सौ से अधिक लोग अस्पताल पहुंच गए।
सूचना पर नरौरा और रामघाट थाने की पुलिस और सीओ डिबाई आरपी सिंह भी पहुंच गए। पहले तो लोग चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर रहे लेकिन बाद में परिजनों ने पीएम कराने से इनकार कर दिया। सूचना पर चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. अनिल नार्टन ने मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।