बुलंदशहर। जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में टीजीटी-पीजीटी व प्रधानाचार्यों के 3000 से अधिक रिक्त पदों के लिए भेजे गए अधियाचन को शासन स्तर से निरस्त कर दिया है। इन पदों के ब्योरे में आरक्षण नियमों के पालन में गड़बड़ी पाई गई। शासन ने इन अब दोबारा नए सिरे से सभी रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा है। 17 फरवरी तक जिले के सभी स्कूलों की रिपोर्ट शासन में जाएगी।
सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक सेवा चयन आयोग का गठन किया है। पिछले दिनों आयोग ने माध्यमिक शिक्षा के सभी स्कूलों से सहायक अध्यापक, टीजीटी, पीजीटी व प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा था। जिले से 3000 से अधिक रिक्त पदों का पूरा ब्योरा भेजा गया था। अब शासन स्तर से इन सभी अधियाचनों को निरस्त कर दिया है।
जांच में सामने आया कि स्कूलों से भेजे गए इन पदों में आरक्षण श्रेणी का सही से पालन नहीं किया गया है। साथ ही शासन ने अब भर्ती प्रक्रिया में नया आरक्षण रोस्टर लागू कर दिया है, जिसके तहत पुराने सभी अधियाचनों को रद कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के कारण अब शिक्षकों की नई भर्ती के विज्ञापन में भी देरी होने की संभावना है।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि जिले से पूर्व में जो अधियाचन भेजे गए थे, वह निदेशालय से निरस्त हो गए हैं। कुछ आरक्षण संबंधित इनमें कमियां हैं। शासन से अब जो गाइडलाइन आई है उसी पर अधियाचन निर्धारित तिथि में भेज दिए जाएंगे।