जहांगीराबाद के गांव जसर अपहरण मामले में युवक की पिटाई करते ग्रामीण। स्रोत: सोशल मीडिया
ऊंचागांव। कोतवाली क्षेत्र के गांव जसर में शनिवार को एक मासूम बच्ची के अपहरण की सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि करीब दो घंटे बाद बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में मामला अपहरण का नहीं, बल्कि पहचान के भ्रम का निकला। किशोर गलती से दूसरी बच्ची को अपनी भतीजी समझ कर साथ ले गया था। पुलिस ने तीनों नाबालिग आरोपियों का चालान कर दिया है।
जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव जसर निवासी एक चिकित्सक के घर मरीजों का आना-जाना था। जहांगीराबाद के बुध की पैठ निवासी राजेंद्र के बड़े पुत्र की ससुराल उक्त डॉक्टर के यहां है। शनिवार को राजेंद्र ने अपने छोटे पुत्र को डॉक्टर के घर से अपनी धेवती को लाने के लिए भेजा था। जब वह चिकित्सक के घर के बाहर पहुंचा तो वहां एक अन्य महिला भी अपनी बच्ची के साथ मौजूद थी।
किशोर पहचान में धोखा खा गया और उसने चिकित्सक के घर के बाहर खड़ी महिला को अपनी भाभी समझते हुए पहले उसे नमस्ते की और बाद में रो रही बच्ची को गोद में लेकर बाइक पर सवार होकर अपने साथियों के साथ चला गया। बच्ची के बाइक सवारों के द्वारा ले जाने पर गांव में हड़कंप मच गया और सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। सूचना मिलते ही एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह और सीओ अनूपशहर विकास प्रताप सिंह चौहान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इसी दौरान राजेंद्र ने चिकित्सक को फोन कर बताया कि उनका बेटा गलती से दूसरी बच्ची ले आया है। इसके बाद उन्होंने एक किशोर को बच्ची को साथ लेकर जसर भेजा, उसके पहुंचते ही भीड़ ने उसकी पकड़ कर पिटाई कर दी। साथ ही बच्ची की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। एसपी देहात ने बताया कि बच्ची सुरक्षित है, बच्ची की मां की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आराेपी किशोरों को हिरासत में ले लिया गया है, जिनका चालान कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में मामला गलती से बच्ची को ले जाने का सामने आया है।