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उर्वरक की कालाबाजारी करने पर एफआईआर दर्ज

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गुलावठी-सिकंदराबाद मार्ग पर सोमवार को यूरिया लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। - फोटो : BULANDSHAHR
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उर्वरक की कालाबाजारी करने पर दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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बुलंदशहर। जनपद में यूरिया की कमी के साथ ही उसकी कालाबाजारी का खेल भी शुरू हो गया है। शासन के आदेश पर छापेमारी के दौरान डिबाई क्षेत्र में बिना लाइसेंस उर्वरक बिकता मिला। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने थाना डिबाई में एक दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। इस कार्रवाई के बाद उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
गत दिनों केंद्र सरकार से 20 किसानों की सूची जारी हुई थी। इसमें शामिल सभी को जनपद की समितियों 8709 कट्टे यूरिया बेच दिए थे। वहीं, दूसरी ओर जनपद में यूरिया की कमी भी सामने आने लगी। इस पर शासन के आदेश और डीएम के निर्देश पर कृषि विभाग ने गत दिनों जनपद में उर्वरक की दुकानों पर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस टीम में शामिल जिला कृषि अधिकारी को डिबाई क्षेत्र के भीमपुर दोराहा पर एक दुकान में बिना लाइसेंस उर्वरक बेचने का मामला उजागर हुआ था। इस दुकान से बिक रहे उर्वरक का पता करने के लिए जिला कृषि अधिकारी ने एक व्यक्ति को पहले यूरिया खरीदने के लिए भेजा था। उक्त व्यक्ति ने जब दुकान पर यूरिया का पता किया तो उससे निर्धारित 266.50 रुपये प्रति कट्टा से अधिक रेट मांगा गया। इशारा मिलने पर जब जिला कृषि अधिकारी उक्त दुकान पर पहुंचे और दुकानदार से लाइसेंस मांगा तो वह दिखा नहीं पाया। जांच करने पर उक्त दुकान पर भारी मात्रा में उर्वरक के अलावा अनेक फसलों के बीज आदि भी रखा पाया गया। खुलासा हुआ कि उक्त दुकानदार उर्वरक और बीज आदि बिना लाइसेंस के जनपद ही नहीं, बल्कि अन्य जनपदों में भी थोक और फुटकर में बिकी कर रहा है। यहां पर उर्वरक की कालाबाजारी भी उजागर हुई। पूरा मामला सामने आने और जांच पूरी होने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने थाना डिबाई में सोमवार को उक्त दुकान चलाने वाले दुकानदार चंद्रशेखर, निवासी दौलतपुर खुर्द के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1955 के नियमों के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि उक्त दुकानदार के खिलाफ एफआईआर डीएम रविंद्र कुमार की अनुमति मिलने के बाद दर्ज कराई गई है। उक्त दुकान में रखा उर्वरक और बीज को क्षेत्र के तहसीलदार की मदद से जब्त कर लिया गया है।
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गलत नाम-पते पर भी समितियों ने बेचा यूरिया
जनपद में जिन 20 किसानों को 8709 कट्टे यूरिया बेचा गया था। उसकी जांच जारी है। यह सूची केंद्र सरकार ने जारी की है। जांच में यह पहले ही खुलासा हो चुका है कि इसमें शामिल नाम किसानों के नहीं, बल्कि समिति के चौकीदार, चपरासी और पल्लेदारों के हैं और उन्हीं के नाम पर यूरिया बेचा गया। एक समिति ने अलीगढ़ निवासी किसान को भी यूरिया बेचने का मामला सामने आ चुका है। पूरे मामले की चल रही जांच में अब सामने आया है कि उक्त समितियों ने गलत नाम और पते पर भी यूरिया बेचा था। केंद्र सरकार से प्राप्त हुई सूची में आखिरी नाम महिला दीप्ति का है। जबकि अब जांच में खुलासा हुआ है कि यह नाम गलत है और उक्त समिति ने महिला दीप्ति के नाम और पते नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम और पते पर यूरिया बेचा था। बताया गया कि उक्त समिति के अधिकारी पहले तो महिला दीप्ति के बारे में कुछ जानकारी देने से आनाकानी कर रहे थे। लेकिन जब जांच अधिकारियों ने सख्ती बरती और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी तो समिति को जानकारी देना मजबूरी बन गया। अफसरों ने यह भी बताया कि जांच जारी है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
यूरिया की कमी के चलते केंद्रों पर किसानों की लगी लाइन
शिकारपुर/सिकंदराबाद/गुलावठी। जनपद में चल रही यूरिया की कमी के चलते किसानों की लाइन लगने लगी है। सोमवार को शिकारपुर, गुलावठी और सिकंदराबाद क्षेत्र में यूरिया लेने के लिए किसानों की लाइन लग गई। इसमें महिला भी शामिल रहीं। किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और किसी तरह यूरिया का वितरण करवाया। इस दौरान अधिकतर किसान बिना यूरिया के मायूस लौटने को मजबूर हुए।
जनपद में एक माह से यूरिया की लगातार कमी चल रही है। अभी तक किसान किसी तरह यूरिया का जुगाड़ करने में कामयाब रहे। लेकिन रविवार से सिकंदराबाद क्षेत्र में यूरिया के लिए किसानों की लाइन लगनी शुरू हो गई। वहीं, सोमवार को शिकारपुर स्थित कृभको सेवा केंद्र पर ही यूरिया की खबर मिलते ही क्षेत्र के किसान वहां पहुंच गए। देखते ही देखते किसानों की लाइन लगना शुरू हो गई। किसानों को संभालने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। किसी तरह पुलिस ने किसानों को उपलब्ध यूरिया का वितरण करवाया। इस दौरान अनेक किसान बिना यूरिया मायूस लौटने को मजबूर हुए। वहीं, दूसरी ओर सिकंदराबाद क्षेत्र के ककोड़ साधन सहकारी समिति पर यूरिया लेने क लिए किसानों की लाइन लग गई। इस दौरान महिलाएं भी यूरिया लेने पहुंची। यूरिया के लिए मची मारामारी को देखते हुए पुलिस ने किसी तरह यूरिया का वितरण करवाया। समिति के सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को 350 यूरिया के कट्टे प्राप्त हुए थे। इसका वितरण सोमवार को हो गया। अब समिति पर यूरिया नहीं है। सिकंदराबाद स्थित सहकारी समिति पर भी यूरिया लेने के लिए किसानों की लाइन लगी। किसानों ने जिला प्रशासन और शासन से यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस समय यूरिया नहीं मिला तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी और उत्पादकता पर भी असर पड़ेगा। गुलावठी में भी यूरिया लेने के लिए किसान सहकारी समितियों पर किसानों की भीड़ लगी रही। सहकारी संघ गुलावठी पर एक घंटे में 330 यूरिया के कट्टे बिक गए। ग्राम भटौना स्थित किसान सेवा सहकारी समिति के केंद्र पर कनेक्टीविटी न होने के चलते किसानों को घंटों तक यूरिया लेने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी। सिकंदराबाद रोेड स्थित कृषक भारती सेवा केंद्र, ग्राम भटौना स्थित किसान सेवा सहकारी समिति आदि केंद्रों पर किसान यूरिया के लिए पहुंचे। इन केंद्रों पर किसानों की भीड़ लग रही। ग्राम भटौना में किसान प्रमेंद्र तेवतिया ने बताया कि कनेक्टीविटी न होने के उन्हें काफी देर तक यूरिया के लिए इंतजार करना पड़ा। कई घंटे बाद उन्हें यूरिया मिला। सहकारी संघ गुलावठी के सचिव अनिल त्यागी ने बताया कि यूरिया के 330 कट्टे आए थे, जोकि एक घंटे में ही बिक गए।
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इस समय जनपद में यूरिया की कमी चल रही है। इस कमी को दूर करने के लिए लगातार शासन से संपर्क किया जा रहा है। संभवना जताई जा रही है कि बुधवार को जनपद में यूरिया की रैक पहुंच जाएगी। इसके पहुंचने से कुछ हद तक यूरिया की कमी दूर हो जाएगी। किसानों को शत प्रतिशत यूरिया उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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