बुलंदशहर के गुलावठी कोतवाली क्षेत्र के गगांव मिट्ठेपुर में धर्मगुरूओं ने नई पहल की शुरूआत की है। धर्मगुरूओं ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर एलान किया है कि यदि गांव में लड़के व लड़कियों की शादी-विवाहों में डीजे, बैंड बाजा व नाच गाना हुआ तो वह निकाह नहीं पढ़ाएंगे। धर्मगुरूओं की इस पहल का समर्थन ग्रामीणों ने भी किया है।
गांव स्थित एक मस्जिद में गांव के इमामों व ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में चौपाल वाली मस्जिद के इमाम मौ. मुसब्बिर ने कहा कि शादी विवाह में डीजे, बैंड बाजे बजाकर व नाच गाना करके गंदगी फैलाई जा रही है। जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा हैं। इसलिए उन्होंने व अन्य गांव के इमामों ने निर्णय लिया कि डीजे, बैंड बाजे व नाच गाने वाले शादियों में लड़की व लड़कियों का निकाह नहीं पढ़ाएंगे।
उन्होंने बताया कि ऐसा निर्णय सभी इमामों ने क्षेत्र का माहौल को सुधारने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए लिया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य फहीमुद्दीन मेवाती ने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरूओं का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने मांग की कि गांव मिट्ठेपुर के अलावा अन्य गांवों के लोग भी एक निर्णय को लागू करें।
बैठक में मौलाना अब्दुल वाहिद, मौलाना शफीकुरहमान, मौलाना हसन, मौलाना सरफराज, मौलाना ऐजाज, पूर्व जिला पंचायत सदस्य फहीमुद्दीन मेवती, तौफीक बीडीसी, उस्मान मेवाती, इकबाल, दिलशाद मेवाती, खालिद मेवाती, जाकिर मेवाती, तालिब हुसैन, हाजी खैर मौहम्मद, फिरोज सैफी, युसुफ अब्बासी, दिलशाद मेवाती, आजाद मेवाती आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मौलाना रफीक ने की।