बुलंदशहर। लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला कमेटी ने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट का चार गुना, नगरीय क्षेत्र में दो गुना मुआवजा दिए जाने की सिफारिश करते हुए मंडलायुक्त को प्रस्ताव भेज दिया है। जिसके बाद मंडलायुक्त कार्यालय से यूपीडा को प्रस्ताव भेजा जाएगा। यूपीडा से स्वीकृति के बाद एक्सप्रेसवे के लिए किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। भूमि अधिग्रहण दरों का निर्धारण करने के लिए जिलाधिकारी श्रुति की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में एडीएम वित्त, एडीएम प्रशासन समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे।
लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जाने वाली अधिकांश भूमि ग्रामीण श्रेणी में आती है। जिले में केवल औरंगाबाद कस्बा ही शहरी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। औरंगाबाद में भूमि अधिग्रहण पर किसानों को सर्किल रेट का दो गुना मुआवजा मिलेगा, जबकि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।
यह लिंक एक्सप्रेस-वे प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच तेज और सुगम संपर्क स्थापित करना है। इस परियोजना के लिए जनपद की पांच तहसीलों के 39 गांव के करीब 8700 किसानों की करीब 677 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जिसके लिए प्रशासन ने पहले ही सर्वे और अन्य प्रारंभिक औपचारिकताएं शुरू कर दी थीं। अधिकारियों ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जिले में यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी। साथ ही, व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे, जिससे क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।
इन गांवों में बढ़ेंगे सर्किल रेट
खुर्जा तहसील के अमानुल्लापुर उर्फ मारहरा, इनायतपुर उर्फ मधुपुरा, कपना, भगवानपुर, हसनपुर लडूकी, बीघेपुर, सनैता शफीपुर, भदौरा, वरतौली, खबरा, धरारी, दीनौल, खलसिया चूहरपुर, विचौला, धरांऊ शामिल हैं। बुलंदशहर तहसील के औरंगाबाद, हिंगथला उर्फ भावसी, चरौरा मुस्तफाबाद, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकुलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी, पिपाला भी इस सूची में हैं। सिकंदराबाद तहसील के दो गांव, स्याना और शिकारपुर तहसीलों के भी कई गांव इस एक्सप्रेस-वे के रूट में शामिल हैं।
लिंक एक्सप्रेस के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट का चार गुना, नगरीय क्षेत्रों में दो गुना मुआवजे की सिफारिश की गई है। प्रस्ताव तैयार कर मंडलायुक्त को भेज दिया है। अभिषेक कुमार सिंह एडीएम वित्त