बुलंदशहर। अनूपशहर, जहांगीराबाद व डिबाई में संचालित तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर में अनियमित्ता पाएं जाने पर बृहस्पतिवार को डीएम ने पंजीकरण निरस्तीकरण की कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। संबंधित संचालक की ओर से स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की गई। साथ ही ऊंचागांव व सिकंदराबाद में नए अल्ट्रासाउंड के पंजीकरण को भी निरस्त कर दिया गया।
अनूपशहर के मोरीगेट स्थित सिटी अल्ट्रासाउंड, जहांगीराबाद का रॉयल अल्ट्रासाउंड सेंटर व डिबाई के मंडी हरदेव स्थित ओम लाइफ अल्ट्रासाउंड सेंटर की शिकायत मिलने पर डीएम ने पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्य अफसरों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। औचक निरीक्षण में तीनों जगह पंजीकृत विशेषज्ञ की जगह अप्रशिक्षित युवक अल्ट्रासाउंड करते हुए मिले, साथ ही अन्य अनियमित्ताएं मिलने पर सेंटर संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। जिसका जवाब संतोषजनक न मिलने पर और गर्भधारण पूर्व व प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 के तहत अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
संबंधित तीनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण के निरस्तीकरण एवं विधिक कार्रवाई की संस्तुति की गई। बृहस्पतिवार को डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने तीनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994, के तहत पंजीकरण को निरस्त करने की कार्रवाई की। साथ ही डीएम ने सिकंदराबाद में सूर्या रेडियोलॉजी सर्विस सेंटर पर विशेषज्ञ की मेरठ में लिंग जांच करने की शिकायत मिलने व ऊंचागांव में देव अल्टासाउंड सेंटर पर विशेषज्ञ के न होने पर आवेदन को निरस्त कर दिया।
तीन अल्ट्रासाउंल्सेंटर के पंजीकरण निरस्त करने और दो नए आवेदनों को निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। - चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम