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Bulandshahar News: दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात करने से किया इनकार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर/स्याना। दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई छात्रा छह माह की गर्भवती है। चिकित्सकों ने फिलहाल गर्भपात कराने से इनकार कर दिया है। वहीं, बच्ची का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। अब रविवार को चिकित्सकों की एक टीम बच्ची की स्थिति की जांच करेगी। इसके बाद चिकित्सीय और कानूनी सलाह लेकर गर्भपात कराने या न कराने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
क्षेत्र के एक गांव में बने राधा स्वामी सत्संग भवन के 75 वर्षीय सेवादार ने गांव की ही दो छात्राओं के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। जब एक छात्रा को पेट दर्द की समस्या हुई तो परिजनों ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया, जिसमें छात्रा को चार माह की गर्भवती बताया गया। इसके बाद परिजनों ने पीड़िता से पूछताछ की तो सत्संग भवन के सेवादार द्वारा दुष्कर्म करने की जानकारी पीड़िता ने दी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उन्हें प्रसाद में नशीला पदार्थ खिलाकर पिछले नौ माह से गंदी हरकत कर रहा था। पीड़ित परिजनों ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो वहीं, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों ने मेडिकल परीक्षण के बाद पीड़िता को चार नहीं छह माह की गर्भवती बताया है। जिसके चलते अब पीड़िता का गर्भपात कराना भी जोखिम भरा हो गया है। चिकित्सकों की मानें तो छह माह में गर्भ में पल रहा बच्चा बड़ा हो जाता है और गर्भपात कराने के दौरान मरीज की जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में अभी तक चिकित्सक और परिजन इसके अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं।
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पीड़िता की हालत खराब, अस्पताल में कराई गई भर्ती
दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, जिसके चलते परिजनों ने उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां चिकित्सकों की एक टीम पीड़िता के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें बताया है कि रविवार को एक टीम आकर किशोरी के स्वास्थ्य की जांच करेगी। इसके बाद ही गर्भपात कराने को लेकर मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

गठित की गई चिकित्सकों की टीम, खून जांच के लिए भेजा
दुष्कर्म पीड़िता के स्वास्थ्य की जांच और गर्भपात की स्थिति कराने समेत अन्य बिंदुओं पर निर्णय लेने के लिए सीएमओ के निर्देश पर दो स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक रेडियोलॉजिस्ट की टीम का गठन किया गया है। साथ ही पीड़िता के रक्त का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। बताया जा रहा है कि अब टीम द्वारा पहले पीड़िता का अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा और इसके बाद परीक्षण करते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.अजय पटेल ने बताया कि दुष्कर्म पीड़ित गर्भवती की जांच के लिए सीएमओ के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम का गठन किया गया है। रविवार को टीम द्वारा पीड़िता का परीक्षण किया जाएगा। अल्ट्रासाउंड और खून जांच रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के आधार पर गर्भपात को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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