बुलंदशहर। गुलावठी थाना क्षेत्र में वर्ष 2012 में हुई दुष्कर्म की घटना के आरोपी को अब एडीजे वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। साथ ही अभियुक्त को सात वर्ष कारावास की सजा और 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस घटना में पुलिस ने छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के बाद दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर झोझा में 13 अप्रैल 2012 को शाम को लगभग सवा आठ बजे पीड़िता अपने घर से ताई के घर जा रही थी। तभी गांव के निवासी आरोपी बोबी ने उसको पकड़ लिया और गेहूं के खेत में खींचकर ले गया। जहां आरोपी ने पीड़िता के साथ तमंचे के बल पर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। साथ ही पीड़िता को धमकी दी कि घर जाकर बताया तो जान से मार देगा। शुरुआत में घटना का मुकदमा 18 अप्रैल 2012 को छेड़छाड़ में दर्ज किया गया, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे को दुष्कर्म में तरमीम कर दिया। तीन जुलाई 2012 को पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर दी थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ चार गवाह प्रस्तुत किए गए। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश वरुण मोहित निगम ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को अवलोकन कर अभियुक्त बॉबी को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे सात वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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जानलेवा हमले के दो दोषियों को चार वर्ष का कारावास
बुलंदशहर। सलेमपुर थाना क्षेत्र निवासी वादिनी मुकदमा मोहरश्री ने 11 जून 2020 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि दोपहर के समय उनके पुत्र रनवीर और छोटे के बीच बंटवारे व रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। इस बाबत उनके पुत्र छोटे व उसके पुत्र आकाश ने पीड़िता के दूसरे पुत्र रनवीर के साथ गाली-गलौज की। रनवीर के विरोध करने पर आरोपियों ने उस पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। शोरशराबा होने पर आरोपी मौके से भविष्य में भुगत लेने की धमकी देकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की और दोनों नामजद आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। वहीं, अब एडीजे 12 गोपाल जी के न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए चार वर्ष का कारावास व सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।