फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपहरण कर किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कैद

विज्ञापन
विज्ञापन
अपहरण कर किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कैद
विज्ञापन

बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2014 में 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अतिरिक्त पॉक्सो न्यायालय तृतीय संजय मिश्रा ने दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने आरोपी को 20 वर्ष सश्रम कारावास और 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विजय कुमार शर्मा और विमल कुमार ने बताया कि 10 जुलाई 2014 को नगर निवासी वादी ने कोतवाली नगर में तहरीर दी थी। इसमें उसने बताया था कि उनकी 14 वर्षीय भांजी नगर के ही एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा है। आरोप था कि सुबह करीब 11.30 बजे उनकी भांजी का अज्ञात आरोपी ने बहला फुसलाकर अपहरण कर लिया है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर 11 जुलाई को आरोपी युवक सतेंद्र पुत्र चंद्रपाल निवासी गांव बरौली वासुदेवपुर थाना स्याना के कब्जे से किशोरी को बरामद किया था। इसके बाद पीड़िता ने बताया था कि आरोपी ने उसके भाई की हत्या की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायालय ने अब गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे 20 वर्ष सश्रम कारावास व 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
विज्ञापन

दिव्यांग छात्रा के साथ छेड़छाड़ का आरोपी दोषी करार
बुलंदशहर। सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में दिव्यांग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार तृतीय के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। साथ ही उसे पांच वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
विज्ञापन

विशेष लोक अभियोजक पाक्सो अधिनियम सुनील कुमार शर्मा व एडीजीसी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि सिकंदराबाद निवासी वादी ने कोतवाली में 24 अगस्त 2013 को तहरीर दी थी। इसमें उसने बताया था कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री कक्षा पांच की छात्रा है। 24 अगस्त को वह स्कूल से पढ़कर घर लौट रही थी। इस दौरान सिकंदराबाद के मोहल्ला हरीशाह निवासी आरोपी युवक सौरभ पुत्र महेश चंद शर्मा ने उसे रास्ते में रोक लिया। इसके बाद आरोपी उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने व शोर मचाने पर आरोपी उसे धमकी देकर भागने लगा। लेकिन, वादी की पुत्री ने कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी को दोषी मानते हुए पांच वर्ष कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें