बुलंदशहर। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा और पंचक से पूर्णत: मुक्त रहेगा। नौ अगस्त को दिनभर राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। ऐसा चार साल बाद हो रहा है। भद्रा आठ अगस्त को दोपहर से शुरू होकर देर रात तक रहेगा, जो सूर्योदय से पहले खत्म हो जाएगा। वहीं पंचक भी नौ अगस्त की रात से शुरू होंगे।
पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन का पर्व नौ अगस्त को पूर्णमासी के दिन शनिवार सुबह 5:50 बजे से प्रारंभ होगा। धनिष्ठा नक्षत्र से युक्त श्रवण नक्षत्र में किया गया उपाकर्म सफल माना गया है। अत: दो घड़ी यानी सूर्योदय से 1.50 बजे तक उपाकर्म का विशेष शुभकाल माना गया है। इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। सावन की पूर्णिमा पर भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होगी। यह आठ अगस्त को दोपहर 02.12 बजे से शुरू होगी और अगले दिन 1.52 बजे पर समाप्त होगी।
इस दिन सूर्योदय सुबह 5.47 बजे पर होगा। इसलिए राखी के त्योहार पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। इस बार रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह योग सुबह 5-50 बजे से दोपहर 2.23 बजे और इसके बाद भी 3.38 बजे तक राखी बांधने का योग रहेगा।