क्षेत्रीय किसानसभा अगौता के सदस्यों ने रविवार को बिजली की समस्याओं को लेकर अकबरपुर रैना बिजलीघर पर हंगामा कर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने जेई को दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। फोन पर एसडीओ की ओर से आश्वासन मिलने पर किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
क्षेत्रीय किसानसभा के अध्यक्ष जगवीर सिंह के नेतृत्व में रविवार को किसान एकत्रित होकर अकबरपुर रैना स्थित बिजलीघर पर पहुंचे और हंगामा कर धरने पर बैठ गए। अध्यक्ष जगवीर सिंह ने कहा कि पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग के चलते नही चल पा रहा है। खराब पड़ी ओबीसी भी अब तक ठीक नही हो पाई है। धरने की सूचना पर पहुंचे जेई को किसानों ने बंधक लिाया। कौशल राठी ने कहा कि ट्रिपिंग सिस्टम खराब होने के कारण फ्यूज उड़ जाते है।
ई ने किसानों को जल्द समस्या के समाधान की बात कही लेकिन किसान एसडीओ को बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एसडीओ ने ग्रामीणों को फोन पर भरोसा दिलाया तो ग्रामीण शांत हो सके। धरने में डॉ. महेंद्र सिंह, वीरेंद्र प्रधान, ब्रजपाल सिंह, जयवीर सिंह, हरनामी, मौकम, सुरेश, कर्मवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, केहर सिंह, पप्पू सिंह, पिंटू आदि मौजूद रहे।
नगर क्षेत्र के गली-मोहल्लों में बिजली के तारों का मकड़जाल यमराज बनकर लटक रहे हैं। कई स्कूलों और मकानों के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन के चलते लोग मौत के साये में जीने का मजबूर हैं। विभाग की ओर से कहीं भी गार्डिंग की व्यवस्था नहीं की गई है।
नगर के कालाआम चौराहा, साठा, राधा नगर, कृष्णा नगर, टीचर्स कॉलोनी, ईदगाह रोड, अंबर रोड, अंसारी चौराहा, शेखसराय, इस्लामाबाद, काली नदी रोड, धमेड़ा अड्डा आदि क्षेत्रों में जर्जर तारें यमराज बनकर फैली हुई है। किसी भी एचटी और एलटी लाइन के नीचे गार्डिंग्स की व्यवस्था नहीं है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ नगर क्षेत्र में ही जर्जर तारों का जाल फैला हो, बल्कि जिलेभर में यहीं हाल है। जर्जर तारों के टूटने से आए दिन हादसे होते हैं लेकिन अफसर सीख नहीं ले रहे हैं।
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अफसर खा रहे गार्डिंग्स का पैसा
किसी भी एचटी लाइन और एलटी लाइन लाइन के एस्टिमेट बनने से पहले उसके गार्डिंग्स का प्रावधान जरूर होता है। बिना गार्डिंग्स के एस्टिमेट पास नहीं हो सकता। गार्डिंग्स के पैसे का अफसर-ठेकेदार बंदरबांट कर लेते हैं।
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गार्डिंग्स होती तो बच जाती बिटिया
डीएम रोड स्थित झुग्गी पट्टी निवासी अख्तर की 12 वर्षीया बेटी चंादनी एचटी लाइन की चपेट में आने से बच जाती, यदि उसके नीचे गार्डिंग्स होती। गार्डिंग्स न होने के कारण तार सीधे सड़क पर आ गिरा और बिटिया उसकी चपेट में आ गई।
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कोट्स
जर्जर तारों को बदलवाने की प्रक्रिया चल रही है। नगर क्षेत्रों में जर्जर और पुराने तारों के स्थानों पर एबीसी तार बिछाए जा रहे हैं। जल्द ही जिलेभर के जर्जर तारों को बदलवा दिया जाएगा।
राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता