फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर मैना-मौजपुर गांव में धरने पर बैठे किसानों का आंदोलन 34 दिन भी जारी रहा। किसानों ने सोमवार को धरने के दौरान रेल रोको आंदोलन के लिए रणनीति बनाई।
बता दें कि शासन और प्रशासन की अनदेखी से किसान आहत हैं और 17 अक्तूबर को रेल रोको आंदोलन करने की चेतावनी दी है। किसानों ने कहा धरने पर बैठे हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया, लेकिन शासन प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में रेल रोको आंदोलन के जरिए शासन-प्रशासन को नींद से जगाया जाएगा।
किसान नेता सुग्रीव सोलंकी ने कहा कि रेल रोको आंदोलन में समर्थन के लिए गांव-गाव जाकर किसानों से सहयोग की अपील की जाएगी। कि वह अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सहयोग करें। बब्बन चौधरी ने कहा कि रेल रोको आंदोलन के लिए मंथन चल रहा है।
किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धर्मवीर शर्मा, शिवकुमार शर्मा, सुरेश शर्मा, जगदीश सिंह, ठा. उदयवीर मौजूद रहे।