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Bulandshahar News: पुष्य चरणों की रन हो गया, भावनाओं का ध्वज हो गया...

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अनूपशहर में हुए कवि सम्मेलन में मौजूद श्रोता। संवाद
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अनूपशहर। शरद पूर्णिमा पर सोमवार को रीतिकालीन महाकवि सेनापति की स्मृति में हिंदी साहित्य परिषद के बैनर तले 73वां विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। एक फार्म हाउस में आयोजित कवि सम्मेलन देर रात दो बजे तक चला।
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वीर रस के कवि अजय अंजाम और मणि मधुकर मूसल की हास्य कविताओं ने श्रोताओं को खूब हंसाया। शृंगार रस की कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने अपनी कविता पुष्य चरणों की रन हो गया, भावनाओं का ध्वज हो गया और राधिका कृष्ण इक हो गए से दर्शकों में उत्साह भर दिया।
सम्मेलन में मनवीर मधुर संचालक, डॉ. विष्णु सक्सेना सिकंदराराऊ, डॉ. रुचि चतुर्वेदी, अजय अंजाम, डॉ. पंकज प्रसून, मणि मधुकर मूसल और प्रमोद पंकज ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। अंत में डॉ. विष्णु सक्सेना की कविताओं ने भी श्रोताओं को विशेष रूप से प्रभावित किया।
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इससे पहले सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि पालिका अध्यक्ष ब्रजेश गोयल, विशिष्ट अतिथि कौशल अग्रवाल नोएडा, तहसीलदार संजय सिंह और कमेटी के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। राजेंद्र गौड़ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता और कवि मनवीर मधुर ने संचालन किया। इस दौरान राजेंद्र गौड़, डॉ. आलोक गोविल, अभय गर्ग, विनीत बंसल, पवन अग्रवाल, अनिल शर्मा सोरखा, पुनीत जैन आदि उपस्थित रहे।
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