विकास भवन में भाकियू महाशक्ति के धरने पर बैठे कार्यकर्ता व अधिकारी। स्रोत: संगठन
बुलंदशहर। भारतीय किसान यूनियन ने गांव के विकास कार्यों में घटिया सामग्री लगाने व भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर विकास भवन में धरना-प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चले धरने में कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को भी संग बैठा लिया। बाद में पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह को डीएम के नाम ज्ञापन देकर उचित कार्रवाई की मांग की।
भाकियू महाशक्ति के कार्यकर्ता सोमवार को विकास भवन पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना पर पहुंचे डीपीआरओ नवीन कुमार को भी कार्यकर्ताओं ने अपने साथ धरने पर बैठा लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. धर्मेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि ऊंचागांव ब्लॉक में तैनात एडीओ पंचायत व ग्राम सचिवों के द्वारा गांव में किए जा रहे विकास कार्यों में 35 प्रतिशत कमीशन लेकर अपने निजी चहेते ठेकेदारों को ठेका दिल देते हैं।
वहीं ठेकेदार कमीशन देने के बाद विकास कार्य इंटरलॉकिंग आरसीसी व अन्य कामों में घटिया सामग्री का प्रयोग करते हैं। वहीं, कई ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के द्वारा कई सरकारी हेंडपंपों को रिबोर दिखाकर लाखों रुपए निकाल लिए। मनरेगा के नाम पर भी घोटाला किया जा रहा है।
संगठन के जिला अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र सिरोही ने कहा कि डीएम से जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाई और विकास कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ तो संगठन आंदोलन करेगा। इस दौरान चौ. रूप सिंह, मुस्तफा, नरेश प्रधान, सुखपाल, ठा. मुकेश सिंह, पंकज चौधरी व प्रमोद आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।