बुलंदशहर। जिले में इस बार आतिशबाजी के विनिर्माण, बिक्री और भंडारण पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इसको लेकर शासन ने आदेश जारी कर दिया है। साथ ही प्रशासन को उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसको लेकर प्रशासनिक अफसर कार्रवाई में जुट गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार बुलंदशहर सहित मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), हापुड़, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर जिलों में इस बार भी आतिशबाजी पर रोक रहेगी। जिले में यदि कोई व्यक्ति या संस्था आतिशबाजी के विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय (आनलाइन विक्रय सहित) एवं उपयोग करेगा तो उसे पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा-15 के तहत पांच वर्ष के कारावास की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। संवाद