बुलंदशहर।
राजस्थान सरकार द्वारा जारी किए गए राइट टू हेल्थ बिल का सोमवार को निजी चिकित्सकों ने विरोध किया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर निजी चिकित्सकों ने सांकेतिक हड़ताल को लेकर हाथ में काली पट्टी बांधकर चिकित्सकीय कार्य किया। बिल वापस नहीं लेने पर आंदोलन की बात कही। आईएमए अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान विधानसभा में चिकित्सकों के भारी विरोध के बाद भी राइट टू हेल्थ बिल को पांच दिन पूर्व पास कर दिया गया। राजस्थान सरकार द्वारा चिकित्सकों के विरोध के बावजूद जनविरोधी राइट टू हेल्थ बिल पारित किए जाने पर आईएमए दुखी और आक्रोशित है।
यह बिल आम जनों को संविधान की धारा-21 के तहत सरकार द्वारा चिकित्सकों को राइट टू लीव अधिकार से वंचित करने का प्रयास है। सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर पर बिना किसी खर्च फेंककर उन्हें बर्बाद करने पर उतारू है। राजस्थान सरकार जब तक इस जन विरोधी वाले काला कानून को वापस नहीं लेती हैं तब तक आईएमए उप्र इसका हर स्तर पर विरोध करना जारी रखेगी। सोमवार को आईएमए ने राष्ट्रव्यापी काला दिवस मना काली पट्टी बांधकर कार्य किया। बताया कि अगर बिल वापस नहीं हुआ तो भविष्य में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए आईएमए तैयार है।