सरकारी अस्पतालों में एक दिसंबर से निजी चिकित्सक ऑपरेशन करते नजर आएंगे। मरीजों को सीजेरियन प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार एक ऑपरेशन पर नौ हजार रुपये खर्च करेगी। सबसे पहले खुर्जा और सिकंदराबाद में यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद इसे सभी सीएचसी और पीएचसी पर भी शुरू किया जाएगा। जिला महिला अस्पताल के अलावा जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में सीजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि निजी चिकित्सकों को पैनल पर लिया जाएगा। सरकार द्वारा चिकित्सक को एक ऑपरेशन पर चार हजार रुपये, दो बार चैकअप करने पर दो हजार रुपये और एनस्थिसिया चिकित्सक को तीन हजार रुपये दिए जाएंगे।