विधवाओं को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ट्रेन रोकने और आत्महत्या की चेतावनी देने वाले मधुपुरा के प्रधान को पुलिस ने हिरासत में लिया तो महिलाएं भड़क गईं। नाराज गांवों की महिलाएं सिकंदरपुर रेलवे ट्रैक की ओर चल दी।
इसका पता चलने पर आनन-फानन में मौके पर पुलिस और पीएसी ने महिलाओं को रो लिया। इसके बाद महिलाओं ने मधुपुरा गांव के पास जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने महिलाओं को समझा-बुझाकर 15 दिन की मोहलत मांगी और मधुपुरा ग्राम प्रधान को छोड़ने का आश्वासन दिया। तब जाकर महिलाएं शांत हुईं।
मधुपुरा प्रधान एसपी राणा के नेतृत्व में 12 गांव की विधवा महिलाओं ने पेंशन समेत सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 9 सूत्रीय मांग डीएम से की थी। 15 मार्च तक मांगें पूरी न होने पर महिलाओं ने ट्रेन से आत्महत्या की चेतावनी दी थी।
इसको लेकर मंगलवार की शाम पुलिस ने मधुपुरा के ग्राम प्रधान एसपी राणा को हिरासत में ले लिया। इससे नाराज गांव की महिलाएं और पुरुष बुधवार सुबह सिकंदरपुर रेलवे स्टेशन की जाने लगे। सूचना पर पुलिस और पीएसी ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
इसपर मधुपुरा गांव के बाहर इंदिरागांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज पर महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मधुपुरा प्रधान एसपी राणा को छोड़ने की मांग कर महिलाओं रोड पर जाम लगा दिया।
बाद में गांव के गणमान्य लोगों को बुलाकर तहसीलदार मनोज कुमार ने महिलाओं से समस्या का समाधान कराने के लिए 15 दिन की मोहलत मांगी।